पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण की चपेट में है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए बचाव बहुत आवश्यक है, इसके अलावा वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों को कोराना संक्रमण के गंभीर खतरे और इससे होने वाली मौत से काफी हद तक सुरक्षित माना जा सकता है। इस बीच कोरोना से बचाव को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम ने खुलासा किया है कि आपका आहार भी कोरोना के खतरे और बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद कर सकता है। मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल (एमजीएच) के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन में बताया गया है कि जो लोग पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों का सेवन अधिक करते हैं, उनमें कोरोना के संक्रमण और इसकी गंभीरता का खतरा कम हो सकता है।
जानना जरूरी: क्या शाकाहारी लोगों में कोरोना का खतरा कम होता है? अध्ययन में सामने आई यह महत्वपूर्ण बात
कोविड-19 में आहार की भूमिका
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज जैसी मेटाबॉलिज्म से संबंधित स्थितियां कोविड-19 के जोखिम को बढ़ा देती हैं। पहले से ही ऐसे रोगों के शिकार लोगों में संक्रमण की गंभीरता का जोखिम भी अधिक माना जाता है। इन स्थितियों में आहार की विशेष भूमिका होती है, इसी आधार पर वैज्ञानिकों ने कोरोना के जोखिम को जानने की कोशिश की। इस अध्ययन के निष्कर्ष को गट जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
अध्ययन में क्या पता चला?
अध्ययन के प्रमुख लेकर जार्डी मेरिनो और उनके सहयोगियों ने स्मार्टफोन आधारित एक टूल के माध्यम से 592,571 प्रतिभागियों के डेटा की जांच की। अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों से महामारी के पहले उनके आहार संबंधी आदतों के बारे में पूछा गया। इस आधार पर अध्ययनकर्ताओं ने पाया अन्य लोगों की तुलना में जिन लोगों का आहार पौधों पर आधारित था उनमें कोरोना का संक्रमण होने का डर 9 फीसदी जबकि गंभीर कोविड-19 विकसित होने का जोखिम 41 फीसदी तक कम पाया गया।
क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
अध्ययन के सह लेखक और वरिष्ठ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ एंड्रयू चैन कहते हैं, हमारे अध्ययन से पता चलता है कि व्यक्ति अपने आहार पर ध्यान देकर कोविड-19 के खतरे या इसकी गंभीरता के जोखिम को कम कर सकता है। इस अध्ययन को ध्यान में रखते हुए सरकारों और सभी संस्थाओं को लोगों को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना चाहिए। कोरोना महामारी के इस दौर में सभी लोगों के लिए स्वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
कोविड-19 और शाकाहार पर वैज्ञानिकों की राय
शोधकर्ताओं का कहना है कि हमारे मॉडल का अनुमान है कि सभी लोग आहार का ध्यान रखते तो कोविड-19 के लगभग एक तिहाई मामलों को रोका जा सकता था। दुनिया के कई देशों में लोगों को दैनिक रूप से पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं हो पा रही है। क्या शाकाहारी लोगों में कोरोना का खतरा कम होता है? इस संबंध में वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा आवश्यक नहीं है, हालांकि यह जरूर कहा जा सकता है कि फल और सब्जियों पर आधारित आहार का अधिक सेवन करके कोरोना से आसानी से मुकाबला जरूर किया जा सकता है।
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स्रोत और संदर्भ:
Diet quality and risk and severity of COVID-19: a prospective cohort study
अस्वीकरण नोट: यह लेख मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल (एमजीएच) के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन के निष्कर्ष के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।