Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
बारिश के मौसम में कई सारी बीमारियां शरीर को जकड़ लेती हैं। ये बिन बुलाए मेहमान की तरह दस्तक देती हैं। इसमें बुखार, खांसी और जुकाम तो आम समस्याएं हैं। इसलिए लोगों को हेल्दी और इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजें खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अगर इम्यूनिटी मजबूत रहेगी, तभी शरीर भी स्वस्थ रहेगा। इस मौसम में विशेषज्ञ लोगों को ताजा खाना और फल खाने की सलाह देते हैं और बाहर का खाना और बासी खाना खाने से बचने को कहते हैं। हालांकि कई बार ऐसा होता है कि हम जिन चीजों को हेल्दी समझ कर खा लेते हैं, बाद में वो खांसी, जुकाम और बुखार में समस्याओं को और बढ़ा देते हैं, लेकिन अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो इन बीमारियों से बचा भी जा सकता है और इनसे राहत भी पाई जा सकती है। आइए जानते हैं कि अगर आपको खांसी, जुकाम और बुखार की समस्या है, तो किन चीजों के सेवन से बचना चाहिए?
सलाह: खांसी, जुकाम और बुखार में इन चीजों के सेवन से बचें, वरना बढ़ सकती हैं दिक्कतें
स्ट्रॉबेरी
- स्ट्रॉबेरी को स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। यह कई प्रकार की बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करती है, लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। यह खून के जमाव का कारण बन सकता है, जिससे छाती में जमा हुआ बलगम नाक और साइनस वाले हिस्से में परेशानियों को और बढ़ा सकता है। इसलिए खांसी, जुकाम और बुखार की स्थिति में इसके सेवन से बचें।
खट्टे फल
- संतरा, अंगूर, नींबू और मौसमी जैसे खट्टे फलों में साइट्रिक एसिड पाए जाते हैं, जो गले की दिक्कतें बढ़ा सकते हैं। इसलिए गले में खराश, दर्द और खांसी की समस्या में इनका सेवन नहीं करना चाहिए, वरना दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
केला
- केले को तुरंत ऊर्जा देने वाला फल माना जाता है, इसलिए बहुत से लोग नियमित रूप से सुबह में इसका सेवन करते हैं। लेकिन चूंकि केले की तासीर ठंडी होती है, ऐसे में खांसी, जुकाम आदि की समस्या में इसका सेवन नहीं करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
पपीता
- पपीते को सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह विटामिन से भरपूर होता है। लेकिन खांसी और जुकाम की समस्या में इसका सेवन न ही करें तो बेहतर है, क्योंकि यह नासिका मार्ग में सूजन की दिक्कत बढ़ा सकता है।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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