डॉ मधुर जैन
हृदय रोग विशेषज्ञ और न्यूरोलॉजिस्ट
अनुभव- 10 साल से ज्यादा
Medically Reviewed by Dr. Madhur Jain
दुनिया में कई तरह की बीमारियां हैं, जो व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लेती हैं। हम इन बीमारियों से बचने के लिए एक अच्छा जीवन बिताते हैं, अच्छा आहार खाते हैं और साथ ही खुद को फिट रखने के लिए तमाम तरह के वर्कआउट और व्यायाम करते हैं। बावजूद इसके कई ऐसी बीमारियां हैं, जिनके बारे में ढंग से जानते तक नहीं हैं और ये हमें अपना शिकार बना लेती हैं। ऐसी ही एक बीमारी है कार्डियक अरेस्ट, जिसके बारे में लोग बेहद कम जानते हैं। लेकिन ये एक गंभीर स्थिति होती है, जिसमें दिल अचानक से धड़कना बंद हो सकता है और दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है। हर साल कई हजार लोगों में से एक व्यक्ति की मौत इससे हो जाती है। तो चलिए जानते हैं इस बीमारी के बारे में, लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
क्या है कार्डियक अरेस्ट?
- दरअसल, कुछ लोग कार्डियक अरेस्ट को हार्ट अटैक भी समझते हैं, लेकिन ये दोनों अलग है। यहां ये समझना जरूरी है कि हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक कार्डियक अरेस्ट होता है। इस बीमारी में अगर समय पर इलाज न मिले, तो व्यक्ति की मौत तक हो सकती है। इसमें इलेक्ट्रिक इनबैलेंस के कारण दिल धड़कना बंद कर देता है, जिसकी वजह से व्यक्ति सांस नहीं ले पाता है और हांफने लगता है। ऐसे में समय पर इलाज मिलना बेहद जरूरी है।
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ये हैं लक्षण
-अचानक होश खो बैठना और फिर अचानक गिर जाना। वहीं मरीज को हिलाने पर भी वो कोई प्रतिक्रया नहीं देता है
-दिल का अचानक तेजी से धड़कना
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-नॉर्मल तरीके से व्यक्ति सांस नहीं ले पाता है
-शरीर व दिमाग के अन्य हिस्सों में खून की आपूर्ति नहीं हो पाती है
-पल्स और ब्लड प्रेशर थम जाते हैं।
ऐसे कर सकते हैं मदद
-अगर किसी व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट आया है, तो आपको सबसे पहले तो आपातकालीन नंबर (अस्पताल के नंबर पर) पर फोन करके मदद मांगनी है।
-वहीं, आपको तुरंत मरीज को सीपीआर देना चाहिए। सीपीआर देकर भी मरीज की जान बचाई जा सकती है।