डॉ. परवेश मलिक
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)
Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि उन्हें ऑफिस में काम करते समय बहुत नींद आती है। लगातार बैठे बैठे काम करने से आपका शरीर सुस्त होने लगता है, जिससे आप बार बार जम्हाई लेते हैं और पलकें भारी होने लगती हैं। आंखें बंद होने लगती है। यह नींद आने के लक्षण होते हैं। ऑफिस में नींद आना काम में लापरवाही नहीं बल्कि शरीर की सुस्ती है। अधिकतर लंच के बाद या दोपहर में नींद आती है। ऑफिस में आप किसी जरूरी मीटिंग में हो या फिर किसी कॉन्फ्रेंस में, नींद कभी भी आ सकती है। ऐसे में आप जो भी काम कर रहे हैं, उसमें तो गलती हो ही सकती है, साथ ही अगर आपके सीनियर या बाॅस ने सोते हुए देख लिया तो डांट भी पड़ सकती है। इसलिए ऑफिस में नींद आने की समस्या का समाधान निकाल लें, इससे आप काम के दौरान ऊर्जावान तो रहेंगे ही, साथ ही शरीर भी स्वस्थ रहेगा। काम के दौरान नींद की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपके पास कुछ हेल्थ टिप्स हैं, जिसे अपनाकर आप कर सकते हैं ऑफिस में अपनी सुस्ती दूर।
2 of 5
ऑफिस में नींद आने की वजह
- फोटो : Pixabay
ऑफिस में नींद आने की वजह
-विशेषज्ञों के मुताबिक ऑफिस में नींद आने के पीछे की वजह होती है, लगातार एक ही जगह पर बैठे-बैठे काम करना।
-शारीरिक थकान के कारण नींद आती है।
-काम में मन न लगने के कारण या मस्तिष्क की थकान के कारण नींद आ सकती है।
3 of 5
डेस्क स्ट्रेचिंग
- फोटो : istock
ऑफिस में नींद की समस्या से कैसे पाए छुटकारा
डेस्क स्ट्रेचिंग
लगातार काम करते करते आपका शरीर थक जाता है। खासकर खाना खाने के बाद आपको अधिक थकान महसूस होती है। ऐसे में भोजन पचाने और थकान को दूर करने के लिए आपको डेस्क स्ट्रेचिंग करनी चाहिए। डेस्क स्ट्रेचिंग से आपकी मांसपेशियां लचीली होती है। जिससे शरीर में रक्त प्रवाह बनता है और ऊर्जा मिलती है। इसमें आप फुट पंप, नेक रोल और आर्म सर्कल अपना सकते हैं। इन स्ट्रेचिंग से शरीर में गतिशीलता बनी रहती है।
4 of 5
10-15 मिनट टहलें
- फोटो : istock
10-15 मिनट टहलें
कनाडा की एक यूनिवर्सिटी में हुए शोध के मुताबिक, हर घंटे में लगभग 15 मिनट आपको खड़े होना चाहिए। लगातार डेस्क पर बैठे बैठे काम करने से शरीर सुस्त हो जाता है। ऐसे में काम के बीच में समय निकाल कर कुछ देर टहले। पैदल चले या फिर खड़े होकर काम करें। इससे आपकी हार्ट बीट बढ़ती है जो थकान को कम करने में काम आती है। वहीं शरीर भी वॉक करने से स्वस्थ रहता है।
5 of 5
सूरज की रोशनी है जरूरी
- फोटो : Pixabay
सूरज की रोशनी है जरूरी
एक कमरे या हॉल में लगातार काम करने से भी सुस्ती महसूस होती है। शोध के मुताबिक, सूरज की रोशनी शरीर में सेरोटोनिन के लेवल को बढ़ाती है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। इसलिए काम के बीच जब टहलने के लिए उठे तो बाहर निकलें या छत पर जाकर टहलें। यहां खुली हवा और सूरज की रोशनी आपके मूड को बेहतर बनाकर सकारात्मकता का प्रवाह करती है।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।