Medically Reviewed by Dr. Sanjeev Suri
हाई ब्लड प्रेशर को उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो यह एक आम बीमारी है, लेकिन बेहद ही खतरनाक है। अगर समय रहते इसपर ध्यान नहीं दिया गया है तो इसकी वजह से हार्ट अटैक (दिल का दौरा), स्ट्रोक और किडनी के फेल होने का खतरा भी रहता है। आजकल लोगों की जीवनशैली इतनी बदल गई है कि दुनियाभर में इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। हाल ही में द लैंसेट नामक पत्रिका में एक अध्ययन रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें बताया गया था कि हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित व्यस्कों की संख्या पिछले 30 सालों में दोगुनी हो गई है। सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि हाई ब्लड प्रेशर वाले कई मरीजों को पता तक नहीं होता कि वे इस बीमारी से ग्रसित हैं। यही वजह है कि इसे 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है। आइए जानते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए आपको डाइट में किन चीजों को शामिल करना चाहिए।
आज का हेल्थ टिप्स: हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती हैं ये चीजें, डाइट में जरूर करें शामिल
खट्टे फल
- संतरा, नींबू और अंगूर जैसे खट्टे फल विटामिन, खनिज और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। इनके सेवन से न सिर्फ इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद मिलती है, बल्कि ये ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित कर सकते हैं। इसलिए रोजाना उचित मात्रा में इनका सेवन जरूरी है।
बेरीज
- ब्लूबेरी, रास्पबेरी और स्ट्रॉबेरी आदि का सेवन सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। नियमित रूप से इनके सेवन से न सिर्फ ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखा जा सकता है, बल्कि ये हृदय रोग का खतरा भी कम करते हैं।
बीज (सीड्स)
- कद्दू, चिया और अलसी के बीजों के सेवन से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में बहुत मदद मिलती है। ये मैग्नीशियम, पोटैशियम और अमीनो एसिड जैसे कई पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जिन्हें शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ही जरूरी माना जाता है।
ब्रोकली और पालक
- हर किसी को नियमित रूप से हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर स्वस्थ रहता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों के लिए ब्रोकली और पालक का सेवन फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि ये एंटी-ऑक्सीडेंट, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।
नोट: डॉ. संजीव सूरी बेहद योग्य और अनुभवी न्यूरोलॉजिस्ट हैं। इन्होंने दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय से 1984 में एमबीबीएस और 1988 में एमएस (जनरल सर्जन) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद इन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी से एमसीएच (न्यूरो सर्जन) पूरा किया। यह भारत के न्यूरोलॉजिकल सोसायटी के सदस्य भी हैं। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में न्यूरोसर्जरी यूनिट में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर और एसजीपीजीआई लखनऊ में न्यूरोसर्जरी यूनिट में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में भी काम किया है। न्यूरोलॉजिस्ट के रूप में इनकी मिर्गी उपचार, स्ट्रोक, सिरदर्द प्रबंधन, डिमेंशिया, उच्च रक्तचाप, माइग्रेन उपचार, पक्षाघात, स्पॉन्डिलोसिस, सिर का चक्कर, आंदोलन विकार और एनईआरवी में विशेषता है।
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