प्रिया पांडेय
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
हम दिनभर में कई ऐसी चीजों का सेवन करते हैं, जो हमें फायदा पहुंचा सके। सुबह नाश्ते से लेकर रात के खाने तक, हम कई हेल्दी फूड्स खाते हैं। लेकिन कई बार कई ऐसी चीजें होती हैं, जिन्हें हमें मौसम के हिसाब से खाना चाहिए नहीं तो ये हमें नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। जैसे- मानसून के मौसम में। इस मौसम में हमारा पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है और कई बार कई चीजें ठीक से पच नहीं पाती हैं। वहीं, कुछ भी खाने की वजह से कई बार हमें फूड पॉइजनिंग जैसी समस्या से जूझना पड़ता है। लेकिन हमें ये समझना होगा कि मानसून के मौसम में हमें कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए, ताकि हमें ये दिक्कतें न हो सकें। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में।
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कच्चे अंडे के नुकसान
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कच्चे अंडे का सेवन
- अंडे का सेवन करना हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन मानसून के मौसम में कच्चे अंडे का सेवन करने से कई बार फूड पॉइजनिंग तक हो जाती है। जब हम कच्चे अंडे का सेवन करते हैं, तो ये साल्मोनेला बैक्टीरिया को हमारे शरीर में प्रवेश करवा सकता है, जिसकी वजह से आपको समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अंडे को अच्छी तरह से पकाकर ही खाएं।
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चिकन मीट
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आधा पक्का हुआ मांस
- वैसे तो किसी भी मौसम में आधे पके हुए मांस का सेवन नहीं करना चाहिए, लेकिन खासतौर पर मानसून के मौसम कच्चे मुर्गे के सेवन से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। इसलिए मांस दिखने तक ही न पकाएं, बल्कि इसे जब तक पकाएं जब तक इसके बैक्टीरिया पूरी तरह नष्ट न हो जाएं। इसके लिए आपको एक सुरक्षित आंतरिक तापमान पर मांस को पकाना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बिना पके हुए डेयरी उत्पाद का सेवन करना
- कच्चे दूध का सेवन करना इस मौसम में खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये बैक्टीरिया को शरीर में ले जा सकता है, जो आपको बहुत बीमार करने के लिए काफी होते हैं। जो लोग जिम जाते हैं, वो कच्चे दूध, पनीर या बिना पके हुए डेयरी उत्पाद का ज्यादा सेवन करते हैं। इसलिए आपको इस मौसम में इनका सेवन करने से बचना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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सब्जियों और फलों को बिना धोए खाने से
- सब्जियों और फलों में साल्मोनेला, ई. कोली और लिस्टेरिया समेत कई अन्य बैक्टीरिया भी हो सकते हैं, और मानसून के मौसम में तो ये खासतौर पर हो सकते हैं। हरी सब्जियों, गोभी, सलाद, पालक और टमाटर जैसी चीजों में ये विशेश रूप से हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप फलों और सब्जियों का सेवन करने से पहले इन्हें अच्छी तरह से धोएं।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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