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Health Awareness: चाय की छलनी बन सकती है कैंसर की वजह! जानें कैसे?
Wed, 06 May 2026 01:38 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 06 May 2026 01:38 PM IST
सार
Health Awareness: सुनने में ये बेहद अजीब लगता है, लेकिन ये हकीकत है। दरअसल घर में रोजाना में इस्तेमाल होने वाली चाय की छलनी कैंसर की वजह बन सकती है। ये कैसे हो सकता है, आइए जानते हैं।
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चाय की छलनी बन सकती है कैंसर की वजह!
- फोटो : AI
Health Risk: चाय हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। सुबह की ताजगी हो या शाम का सुकून, चाय हर किसी की दिनचर्या में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लेकिन अक्सर लोग इसके साथ प्रयोग में आने वाले छोटे-छोटे सामानों पर ध्यान नहीं देते।
चाय की छलनी बन सकती है कैंसर की वजह
- फोटो : Adobe stock
प्लास्टिक से निकलने वाले केमिकल्स होते हैं हानिकारक
जब आप गर्म पानी या चाय के लिए प्लास्टिक की छलनी का इस्तेमाल करते हैं, तो इसमें मौजूद BPA और अन्य हानिकारक रसायन चाय में मिल सकते हैं। यह रसायन शरीर में जमा होकर धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इसलिए गर्म तरल पदार्थों के साथ प्लास्टिक का इस्तेमाल जोखिम भरा हो सकता है।
जब आप गर्म पानी या चाय के लिए प्लास्टिक की छलनी का इस्तेमाल करते हैं, तो इसमें मौजूद BPA और अन्य हानिकारक रसायन चाय में मिल सकते हैं। यह रसायन शरीर में जमा होकर धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इसलिए गर्म तरल पदार्थों के साथ प्लास्टिक का इस्तेमाल जोखिम भरा हो सकता है।
चाय की छलनी बन सकती है कैंसर की वजह!
- फोटो : Adobe Stock
स्वास्थ्य पर क्या असर दिखेगा
लगातार इन रसायनों का सेवन कैंसर, हार्मोन असंतुलन और प्रजनन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक से निकलने वाले केमिकल्स लंबे समय में शरीर की कोशिकाओं और अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
लगातार इन रसायनों का सेवन कैंसर, हार्मोन असंतुलन और प्रजनन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक से निकलने वाले केमिकल्स लंबे समय में शरीर की कोशिकाओं और अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
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चाय की छलनी बन सकती है कैंसर की वजह!
- फोटो : Freepik.com
पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं
प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण चाय में घुलकर पेट और आंतों में सूजन, गैस या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। यह लंबे समय में पाचन तंत्र को कमजोर कर सकता है।
प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण चाय में घुलकर पेट और आंतों में सूजन, गैस या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। यह लंबे समय में पाचन तंत्र को कमजोर कर सकता है।
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चाय की छलनी बन सकती है कैंसर की वजह!
- फोटो : Adobe stock
सुरक्षित विकल्प क्या है?
अगर आप अपनी सेहत के लिए चिंतित हैं तो चाय के लिए हमेशा स्टील, तांबे, सिरेमिक या बांस की छलनी का उपयोग करना चाहिए। ये विकल्प न केवल स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं बल्कि लंबे समय तक टिकते हैं और उपयोग में भी आसान हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
अगर आप अपनी सेहत के लिए चिंतित हैं तो चाय के लिए हमेशा स्टील, तांबे, सिरेमिक या बांस की छलनी का उपयोग करना चाहिए। ये विकल्प न केवल स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं बल्कि लंबे समय तक टिकते हैं और उपयोग में भी आसान हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।