Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कई प्रकार के विटामिन और मिनरल्स (खनिज) की जरूरत होती है, जो हमें किसी न किसी प्रकार के भोजन से प्राप्त होते हैं। सेलेनियम भी शरीर के लिए सबसे जरूरी तत्वों में से एक है। वैसे तो शरीर को बहुत कम ही मात्रा में इसकी जरूरत होती है, लेकिन यह शरीर को स्वस्थ रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आपको शायद ही यह बात पता हो कि इसकी कमी घातक भी साबित हो सकती है। शरीर में सेलेनियम की कमी से कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि शरीर में इसकी कमी न होने दी जाए। आइए जानते हैं सेलेनियम के फायदों के बारे में और साथ ही यह भी कि हमें इसकी पूर्ति कैसे हो सकती है?
सलाह: शरीर में न होने दें सेलेनियम की कमी, घट जाती है इम्यूनिटी, इन चीजों का करें सेवन
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इम्यूनिटी बढ़ाने में है सहायक
- प्रतिरक्षा तंत्र के लिए शरीर को जिन खनिजों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, सेलेनियम भी उन्हीं में से एक है। कई अध्ययनों में भी यह पाया गया है कि जब खून में सेलेनियम की पर्याप्त मात्रा होती है तो शरीर का इम्यून रिसपॉन्स (प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया) भी अच्छा रहता है।
तेज दिमाग के लिए जरूरी है सेलेनियम
- मानसिक सेहत के लिए भी सेलेनियम बहुत ही फायदेमंद होता है। सेलेनियम युक्त आहार लेने से अल्जाइमर बीमारी को रोकने में मदद मिलती है और साथ ही दिमाग भी तेज होता है। कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि अल्जाइमर के मरीजों में सेलेनियम कम मात्रा में मौजूद है।
स्वस्थ हृदय के लिए भी जरूरी है सेलेनियम
- सेलेनियम दिल के लिए भी बहुत ही जरूरी होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि सेलेनियम युक्त आहार लेने से हृदय को स्वस्थ बनाने में मदद मिलती है। कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि खून में सेलेनियम का स्तर 50 फीसदी बढ़ने पर हृदय संबंधी रोगों के होने की आशंका कई फीसदी तक कम हो जाती है।
सेलेनियम के स्रोत
- विशेषज्ञ कहते हैं कि कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन कर आप आसानी से सेलेनियम प्राप्त कर सकते हैं। सेलेनियम पाने के लिए आपको मछली, अंडे, पनीर, ब्राउन राइस, सूरजमुखी का तेल, मशरूम जैसे खाद्य पदार्थ नियमित रूप से लेने चाहिए।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।