Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
दूध पीना सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है, ये तो आप जानते ही होंगे। विशेषज्ञ दूध को स्वस्थ आहार बताते हैं और इसे दैनिक आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं। इसमें कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं, जैसे कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम, फास्फोरस, विटामिन-ए, डी और बी-12। चूंकि दूध में कैल्शियम होता है, ऐसे में यह हड्डियों और दांतों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। इससे मांसपेशियों के निर्माण में भी मदद मिलती है। यानी कुल मिलाकर दूध हमारे शरीर को पोषित कर उसे मजबूत बनाता है, बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है और उन्हें दूर भी रखता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि दूध पीने से नुकसान तो वैसे बहुत दुर्लभ हैं, लेकिन यह स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याओं का कारण जरूर बन सकता है।
सावधान: लिवर और किडनी के लिए खतरा बन सकता है दूध का सेवन, जानिए कैसे
लिवर और किडनी के लिए खतरा बन सकता है दूध
- विशेषज्ञ कहते हैं कि कभी-कभी दूध का सेवन लिवर और किडनी के लिए खतरा भी बन सकता है और इसकी प्रमुख वजह है दूध में होने वाली मिलावट। अगर आप लगातार कई महीनों तक मिलावटी दूध का सेवन कर लेते हैं, तो इसका दुष्प्रभाव आपके लिवर और किडनी पर पड़ सकता है और ऐसे में कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
दूध पीने के अन्य नुकसान
- विशेषज्ञ कहते हैं कि दूध में लैक्टोज होने की वजह से ये पाचन तंत्र से संबंधित विकार उत्पन्न कर सकता है। कुछ लोगों में दूध के सेवन से दस्त, गैस, ब्लोटिंग (पेट फूलना), पेट दर्द और उबकन आदि समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि ये समस्याएं बहुत ही दुर्लभ होती हैं।
अधिक नहीं करना चाहिए दूध का सेवन
- किसी भी चीज का अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक ही होता है। दूध के साथ ही ऐसा ही है। इसलिए विशेषज्ञ दूध का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करने की सलाह देते हैं। खासकर उन बच्चों को, जिन्हें दूध में पाया जाने वाला कैसिइन प्रोटीन पचता नहीं है, क्योंकि इससे उनको अलग-अलग तरह की समस्याएं हो सकती हैं।
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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