Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
सेब, संतरा, जामुन जैसे फलों का सेवन तो आपने बहुत किया होगा, लेकिन क्या आपने कभी करौंदा खाया है? बहुत से लोग इसके बारे में जानते तक नहीं कि ये चीज आखिर है क्या? दरअसल, करौंदा एक फल ही श्रेणी में ही आता है, जो स्वाद में थोड़ा खट्टा-थोड़ा मीठा होता है। आकार में छोटा सा दिखने वाला यह फल गहरे गुलाबी रंग का होता है। उच्च पोषक तत्वों और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर करौंदा को अक्सर 'सुपरफूड' के रूप में जाना जाता है। इस फल में कई तरह की बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है। यही वजह है कि कई लोग इसका जूस भी पीना पसंद करते हैं। हालांकि यह थोड़ा कड़वा लग सकता है, लेकिन आप चाहें तो टेस्ट के लिए इसमें थोड़ा शुगर मिला सकते हैं। करौंदा का इस्तेमाल चटनी, अचार और मुरब्बे के रूप में भी किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस फल के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में...
सलाह: पोषक तत्वों का भंडार है यह छोटी सी चीज, सेवन से इम्यूनिटी मजबूत करने में मिलती है मदद
इम्यूनिटी को बनाता है मजबूत
- करौंदा में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं और यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइटोकेमिकल्स से भी परिपूर्ण होता है, ऐसे में यह इम्यूनिटी यानी प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत बनाता है, जिससे बार-बार बीमार पड़ने की संभावना बेहद ही कम हो जाती है।
हृदय को रखता है स्वस्थ
- करौंदा के रस के सेवन से अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है, जिससे दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। दरअसल, इसमें मौजूद तत्व हृदय रोग के खतरे को कम करते हैं और साथ ही रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को कम करने में भी मददगार हैं।
वजन कम करने में भी है सहायक
- करौंदा के रस के सेवन से वजन कम करने में भी मदद मिलती है। दरअसल, यह फाइबर से भरपूर होता है, इसलिए इसके सेवन से लंबे समय तक भूख नहीं लगती है यानी पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है। इससे फैट को कम करने और वजन घटाने में मदद मिलती है।
ये भी हैं फायदे
- करौंदा के सेवन से मूत्र पथ के संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है, यानी यह यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन को रोकने में कारगर है। इसके अलावा विशेषज्ञ कहते हैं कि करौंदा मसूड़ों के रोगों को रोकने में भी फायदेमंद हो सकता है। इसके सेवन से दांतों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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