शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसे आहार के सेवन की सलाह देते हैं जिससे जरूरी पोषक तत्वों की आसानी से पूर्ति हो सके। न्यूट्रिशन की बात होती ही सबसे पहले हमारे दिमाग में विटामिन्स-प्रोटीन्स का ख्याल आता है। पर क्या आप जानते हैं कि अच्छी सेहत के लिए हमें नियमित रूप से आहार से मिनरल्स की भी आवश्यकता होती है। मिनरल्स यानी खनिजों की जरूरत भले ही हमें कम मात्रा में होती है पर शरीर में इसकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।
हेल्थ टिप्स: थकान और कमजोरी के पीछे मैग्नीशियम की कमी तो नहीं है कारण? यहां जानिए
मैग्नीशियम शरीर की नसों, मांसपेशियों, ऊर्जा, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन के लिए जरूरी है। इसकी कमी में थकान, कमजोरी, ऐंठन, झनझनाहट और गंभीर स्थिति में दिल की धड़कन बिगड़ सकती है।
मैग्नीशियम शरीर में क्या करता है?
मैग्नीशियम शरीर की 300 से ज्यादा रासायनिक प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। यह नसों से संदेश पहुंचाने और मांसपेशियों को ठीक से काम करने में मदद करता है। दिल की धड़कन सामान्य रखने, शरीर में ऊर्जा बनाने और डीएनए जैसे जरूरी पदार्थों के निर्माण में भी इसका योगदान है।
- शरीर में मौजूद मैग्नीशियम का बड़ा हिस्सा हड्डियों में जमा रहता है। अच्छी बात यह है कि यह कई ऐसी चीजों में मिलता है जो हम रोज खाते हैं। हालांकि कुछ लोगों में इसकी कमी का खतरा दूसरों से ज्यादा हो सकता है।
कहीं आपमें मैग्नीशियम की कमी तो नहीं?
मैग्नीशियम की कमी होने पर शुरुआत में भूख कम लगने, मतली-उल्टी, थकान और कमजोरी जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
- हालांकि अगर इसपर ध्यान न दिया जाए और मैग्नीशियम की कमी ज्यादा बढ़ जाए तो इसके कारण हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन, मांसपेशियों में ऐंठन और खिंचाव हो सकता है।
- गंभीर स्थिति में दौरे पड़ने और दिल की धड़कनों में अनियमितता भी हो सकती है।
- मैग्नीशियम कम होने से ऊर्जा का स्तर भी प्रभावित हो जाता है जिसके कारण शरीर हर समय थका हुआ महसूस करता है।
लो-मैग्नीशियम का जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को आंतों में गड़बड़ी है जिससे पोषक तत्वों के अवशोषण में परेशानी होती है उनमें लो-मैग्नीशियम का जोखिम हो सकता है।
- टाइप-2 डायबिटीज, ज्यादा शराब पीना या उम्र ज्यादा है तो इससे भी मैग्नीशियम की कमी का खतरा बढ़ सकता है।
- कुछ दवाएं भी शरीर में मैग्नीशियम का स्तर प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए बार-बार ऐंठन होने पर खुद से सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय इसकी वजह समझना जरूरी है।
खाने की किन चीजों से मिलेगा मैग्नीशियम?
मैग्नीशियम के लिए सप्लीमेंट पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। कद्दू के बीज, चिया सीड्स, बादाम-काजू, मूंगफली और साबुत अनाज इसके अच्छे स्रोत हैं। 28 ग्राम कद्दू के बीज में लगभग 156 मिलीग्राम, चिया सीड्स में 111 मिलीग्राम और बादाम में करीब 80 मिलीग्राम मैग्नीशियम मिलता है। वयस्क पुरुषों को आमतौर पर रोज 400–420 मिलीग्राम और महिलाओं को 310–320 मिलीग्राम मैग्नीशियम की जरूरत होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आहार में सुधार करके मैग्नीशियम की कमी को पूरा किया जा सकता है। हर बार इसके सप्लीमेंट्स लेने की जरूरत नहीं होती। अगर आपको पहले से कोई बीमारी है या फिर कोई दवा चल रही है तो बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से कोई सप्लीमेंट या डाइट न शुरू करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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