Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
क्या आपने अगेती कीराई पेड़ का नाम सुना है? शायद नहीं सुना होगा। इसे सेस्बेनिया ग्रैंडिफ्लोरा या वेजिटेबल हमिंगबर्ड के नाम से भी जाना जाता है। यह भारत समेत मलयेशिया, फिलीपींस, इंडोनेशिया, मेक्सिको और दक्षिण पश्चिम अमेरिका में व्यापक रूप से उगाया जाता है। इसे आयुर्वेदिक पेड़ कहें तो गलत नहीं होगा, क्योंकि इसके सभी हिस्सों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं के लिए किया जाता है। इसकी पत्तियां विटामिन-ए, कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर होती हैं। ये कई बीमारियों में रामबाण इलाज की तरह हैं। आइए जानते हैं इनके सेवन से होने वाले फायदों के बारे में...
सलाह: इन चार बीमारियों में रामबाण हैं अगेती की पत्तियां, जरूर करें इनका सेवन
हड्डियों को बनाती हैं मजबूत
- अगेती की पत्तियों में कैल्शियम, आयरन और विटामिन पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं और ये सभी हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार होते हैं। रोजाना इसके सेवन से बुजुर्गों में गठिया और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम किया जा सकता है।
इम्यूनिटी बढ़ाने में हैं कारगर
- अगेती की पत्तियों में शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो डीएनए को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं। इसका सेवन करने से खून में जिंक, सेलेनियम और मैग्नीशियम का स्तर भी बढ़ता है। इस तरह से यह इम्यूनिटी को बढ़ाने में भी कारगर है।
डायबिटीज को करती हैं नियंत्रित
- अगेती की पत्तियां डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभदायक होती हैं। ये अग्न्याशय की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत करने में मददगार हैं और ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ने से रोकती हैं। इसके अलावा ये पत्तियां कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करने में सहायक हैं।
कैंसर से बचाने में हैं मददगार
- अगेती की पत्तियों को कैंसर से बचाने में भी मददगार माना जाता है। दरअसल, इसमें शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो लिपिड पेरोक्सीडेशन से बचाते हैं और ट्यूमर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं। अगेती के फूलों के फेफड़े के कैंसर से बचाने में सहायक माना जाता है।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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