होली पर आजकल बड़े पैमाने पर सिंथेटिक कैमिकल से बने रंगों का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में भले ही आप सूखे रंगों से होली खेल रहे हैं लेकिन यह सुनिश्चित अवश्य करें कि रंग आपकी आँखों में न जाए। होली पर आँखें की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। होली के दौरान रंगों से खेलते वक्त आँखों का ध्यान न रखने का परिणाम आँखों में खुजली, एलर्जी, लालपन, अस्थाई अंधत्व या त्वचा के संक्रमण के रूप में सामने आ सकता है। कोशिश करें कि प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो अगली स्लाइड्स में नेत्र सर्जन एवं डायरेक्टर, श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल, रायपुर डॉ चंद्रदत्त कलमकर से जानिए आंखों को सुरक्षित रखने के टिप्स।
Happy Holi 2021: होली पर आंखों की इस तरह करें सुरक्षा, नहीं होगी आंखों में खुजली और जलन की समस्या
गुब्बारों को कहें न
पानी या रंग से भरे गुब्बारे सबसे खतरनाक हो सकते हैं और आँखों के लिए ब्लंट ट्रॉमा का कारण बन सकते हैं जो कि आगे जाकर आँखों में रक्तस्राव (ब्लीडिंग), आँखों के प्राकृतिक लैंस को नुकसान पहुँचने या उसके अपने स्थान से खिसक जाने, मैक्युलर इडिमा (सूजन) या रेटिनल डिटैचमेंट का कारण बन सकता है। यह दृष्टि खोने या आँखों के पूरी तरह खत्म हो जाने की और ले जा सकता है। ये सभी आँखों के लिहाज से इमरजेंसी हैं और इनकी तरफ तुरंत ध्यान देना आवश्यक होता है।
इन चीजों से खेलें होली
हानिकारक रसायनों की बजाय आसानी से बेसन, पलाश के पत्तों, पानी में गलाकर रखी गईं बीटरूट यानी चुकंदर, मेहंदी पावडर, गुलमोहर, जासवंत या हिबिस्कस के फूलों तथा अन्य प्राकृतिक साधनों से सभी तरह के रंग घर पर आसानी से बन सकते हैं। बाजार में हर्बल गुलाल भी आसानी से उपलब्ध है, उसका भी प्रयोग किया जा सकता है।
कोल्डक्रीम का प्रयोग
अपनी आँखों के आस-पास कोल्ड क्रीम लगायें और इसकी एक मोटी परत बना लें। यह इस बात को सुनिश्चित करेगा कि आँखें धोने पर रंग पूरी तरह निकल जायेंगे। जब आँखों के आस-पास से रंग छुड़ा रहे हों तो सामान्य गर्म पानी का उपयोग करें और आँखों को कसकर बंद रखें। बहुत अधिक रगड़ने की आवश्यकता नहीं है कोल्डक्रीम लगाने से रंग अपने आप छुट जाएगा।
जब कभी भी रंगों के आँखों के सम्पर्क में आने की आशंका हो, अपनी आँखों को पूरी तरह ढंक कर रखें। धूप के चश्मे जरूर पहनें, इस मामले में यह सबसे अच्छा विकल्प हैं। जब भी कोई रंग लगा रहा हो तो आंखों को बंद कर लें और हिले-डूले बिना आराम से रंग लगवाएं। ऐसा करने पर आंखों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचेगा।