वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार शाम वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में बड़े बदलाव की घोषणा की, इसे त्योहारों से पहले जनता की जेब पर बड़ी राहत माना जा रहा है। वित्तमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब जीएसटी व्यवस्था में दो ही कर स्लैब होंगे- 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। इसके अलावा लग्जरी वस्तुओं के लिए 40 प्रतिशत का विशेष स्लैब निर्धारित किया गया है।
Gst Exempt Medicine: ये रही उन 33 दवाओं की लिस्ट जो अब हो गई हैं जीएसटी-फ्री, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
- इंडियन फार्मास्युटिकल विशेषज्ञों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे बेहतर कदम बताया है। विशेषज्ञों ने कहा, जीवनरक्षक और कैंसर की दवाओं को जीएसटी से मुक्त करने का सरकार का फैसला मरीजों और उनके परिवारों को सीधी राहत देगा।
जीएसटी सुधार से लोगों की जेब पर कम होगा दबाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, इन सुधारों से जरूरतमंदों तक दवाओं की पहुंच में सुधार होगा, स्वास्थ्य देखभाल सेटिंग्स में व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित होगी और सभी के लिए किफायती स्वास्थ्य देखभाल के सरकार के दृष्टिकोण में सकारात्मक योगदान होगा।
मेडिकल, सर्जिकल, दंत चिकित्सा या पशु चिकित्सा उपयोग के साथ भौतिक या रासायनिक विश्लेषण के लिए उपयोग किए जाने वाले विभिन्न चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे भी लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
किन दवाओं पर अब कितनी जीएसटी?
पांच से शून्य जीएसटी वाली दवाएं
Agalsidase Beta (एगल्सिडेस बीटा)
Imiglucerase (इमिग्लूसेरेज)
Eptacog alfa (एप्टाकॉग अल्फा)
12 प्रतिशत से जीरो जीएसटी वाली दवाएं
Onasemnogene abeparvovec (ओनासेमनोजेन एबेपार्वोवेक)
Asciminib (एस्किमिनिब)
Mepolizumab (मेपोलिजुमैब)
Pegylated Liposomal Irinotecan (पेगिलेटेड लिपोसोमल इरिनोटेकन)
Daratumumab (डारातुमुमैब)
Daratumumab subcutaneous (डारातुमुमैब सबक्यूटेनियस)
Teclistamab (टेक्लिस्टामैब)
Amivantamab (एमिवेंटमैब)
Alectinib (एलेक्टिनिब)
Risdiplam (रिस्डिप्लाम)
Obinutuzumab (ओबिनुटुजुमैब)
Polatuzumab vedotin (पोलटुजुमैब वेडोटिन)
Entrectinib (एंट्रेक्टिनिब)
Atezolizumab (एटेजोलिजुमैब)
Spesolimab (स्पेसोलिमाब)
Velaglucerase Alpha (वेलाग्लुसेरेज़ अल्फा)
Agalsidase Alfa (एगल्सिडेस अल्फा)
Rurioctocog Alpha Pegol (रुरियोक्टोकॉग अल्फा पेगोल)
Idursulphatase (इडुरसल्फेटेज)
Alglucosidase Alfa (एल्ग्लुकोसिडेस अल्फा)
Laronidase, Olipudase Alfa (लारोनिडेस, ओलिपुडेस अल्फा)
Tepotinib, Avelumab (टेपोटिनिब, एवेलुमैब)
Emicizumab (एमिसिजुमैब)
Belumosudil (बेलुमोसुडिल)
Miglustat (मिग्लुस्टैट)
Velmanase Alfa (वेलमैनेज अल्फा)
Alirocumab (एलिरोक्यूमैब)
Evolocumab (एवोलोकुमैब)
Cystamine Bitartrate (सिस्टामाइन बिटार्ट्रेट)
CI-Inhibitor injection and Inclisiran (सीआई-अवरोधक इंजेक्शन और इन्क्लिसिरन)
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में हिमाचल प्रदेश स्थित एक फार्मास्युटिकल कंपनी के अधिकार राजीव नयन कहते हैं, जीएसटी काउंसिल के इसे फैसले से लोगों की जेब पर दवाओं की पड़ रही भारी खर्च कम होगी। जब इलाज सस्ता होगा, तो ज्यादा लोग समय पर इलाज प्राप्त करने के लिए आएंगे इससे क्वालिटी ऑफ लाइफ में भी सुधार होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक बदलाव की दिशा में ये फैसला काफी प्रभावी हो सकता है।
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