केंद्र सरकार रहस्यमयी बीमारी हवाना सिंड्रोम की जांच के लिए सहमत हो गई है। कर्नाटक उच्च न्यायालय (एचसी) में दायर एक याचिका के जवाब में सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस विषय की जांच की जाएगी और तीन महीने में जवाब सौंपने के लक्ष्य से काम होगा। बेंगलुरु के.ए अमरनाथ चागु द्वारा दायर याचिका में बीमारी की जांच और इसके प्रसार को रोकने के लिए सरकार को निर्देश देने की भी मांग की गई थी। इस संदर्भ में 27 जुलाई के कोर्ट के आदेशानुसार इस रोग के बारे में जांच की जाएगी।
हवाना सिंड्रोम: इस 'रहस्यमयी रोग' की जांच करेगी भारत सरकार, अब तक यूएस राजनयिकों को होती रही है ये बीमारी
अमेरिकी खुफिया अधिकारियों में देखे जाते रहे हैं इसके केस
वैश्विक स्तर पर साल 2016 में पहली बार हवाना सिंड्रोम के मामले क्यूबा में तैनात अमेरिकी खुफिया अधिकारियों और दूतावास के कर्मचारियों में रिपोर्ट किए गए थे। अगले वर्ष, दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अमेरिकी राजनयिकों ने भी इसी तरह के लक्षणों की शिकायत की। स्थिति की जांच करने वाले शोधकर्ताओं ने कहा है कि हवाना सिंड्रोम, जिसे शुरू में मास हिस्टीरिया के तौर पर माना जा रहा था, ये माइक्रोवेव हथियारों के कारण होने वाली समस्या हो सकती है।
हालांकि अभी तक यह समझा नहीं जा सका है कि इस बीमारी की असल वजह क्या है, कुछ खास लोगों और उनके परिवारों को ही ये क्यों होती है? यही कारण है कि इसे रहस्यमयी बीमारी के रूप में जाना जाता है।
हवाना सिंड्रोम के लक्षण क्या हैं?
शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि जिन कर्मचारियों ने इस सिंड्रोम की समस्या के बारे में सूचित किया था, उनके मस्तिष्क की जांच में पाया गया कि इसके लक्षण सिर में हल्की चोट के समान हो सकते हैं। सीआईए के कुछ कर्मचारियों में हवाना सिंड्रोम के लक्षण महीनों तक बने रहे। रोगियों ने बताया कि उन्होंने ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, ब्रेन फॉग, स्मृति की समस्याओं, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता और नींद से संबंधित दिक्कतें भी होने लगीं।
भारत में हवाना सिंड्रोम
भारत में, इस तरह का पहला मामला वर्ष 2021 में सामने आया था, जब अमेरिकी खुफिया अधिकारी, सीआईए निदेशक विलियम बर्न्स के साथ नई दिल्ली की यात्रा पर आए थे। भारत में भी क्या इसके जोखिम हो सकते हैं, इस बारे में जानने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
फिलहाल अब तक के अध्ययनों में बीमारी का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन दायर याचिका के अनुसार, उच्च आवृत्ति वाले माइक्रोवेव उत्सर्जन से हवाना सिंड्रोम हो सकता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं कई कारकों के संयोजन के कारण भी हो सकती हैं। ठोस सबूतों की कमी के कारण चल रही इसपर बहस और अनिश्चितता अब भी जारी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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