संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखना चाहते हैं तो सिर्फ शरीर की सेहत पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, इसमें मानसिक स्वास्थ्य की भी बड़ी भूमिका मानी जाती है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य असल में एक दूसरे के पूरक होते हैं। इनमें से एक में भी होने वाली समस्या का असर नुकसानदायक हो सकता है।
Mental Health: अक्सर बनी रहती है चिंता-तनाव की समस्या, हो गए हैं चिड़चिड़े? जानिए ऐसे में क्या करें-क्या नहीं
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क्या करें
अच्छी नींद और नियमित व्यायाम बहुत जरूरी
मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए अच्छी नींद और नियमित व्यायाम दो प्रभावी तरीके हो सकते हैं। शारीरिक व्यायाम जैसे योग, दौड़ना, तैरना आदि से दिमाग में एंडोर्फिन नामक हार्मोन रिलीज होता है, जो तनाव को कम करता है और हमें खुशी का एहसास कराता है।
इसके अलावा रोजाना कम से कम 6-8 घंटे की नींद जरूरी है।अच्छी नींद के साथ नियमित योग-व्यायाम और मेडिटेशन के अभ्यास से भी समस्या में लाभ पाया जा सकता है।
जीवनशैली में करें सुधार
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, लाइफस्टाइल में बदलाव करके तनाव-चिंता और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में मदद मिल सकती है। तनाव-चिंता जैसी स्थितियों में दोस्तों से बात करें, अपनी परेशानियों को साझा करें, इससे मानसिक शांति मिलती है।
योग का अभ्यास करें, संगीत सुनें, मेडिटेशन करें। संतुलित भोजन से भी लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।
क्या न करें?
न लें नशा का सहारा
चिंता-तनाव होने पर अक्सर लोग नशा का सहारा लेने लगते हैं, जो आपके लिए और भी दिक्कतें बढ़ा देती है। शराब, कुछ समय के लिए अवरोधक का काम करके आपके नशे में रखता है पर इससे बीमारी के सही निदान में देरी हो सकती है जिसके कारण रोग के गंभीर रूप लेने का खतरा रहता है। किसी भी प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्या महसूस होने पर शराब या किसी भी नशीली चीजों का सेवन न करें।
सोशल मीडिया से बनाएं दूरी
सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग भी मानसिक थकावट और चिंता का कारण बन सकता है, इसलिए तकनीक का सीमित और नियंत्रित उपयोग करें। स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से बचें। बढ़े हुए स्क्रीन टाइम से नींद प्रभावित होती है और इससे मेंटल हेल्थ पर नकारात्मक असर हो सकता है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।