स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए हमेशा स्वस्थ और पौष्टिक आहार के सेवन पर ध्यान देना चाहिए। शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में आहार की विशेष भूमिका हो सकती है। काम के दबाव और कई सारे सामाजिक कारणों के चलते हाल के वर्षों में लोगों में कई तरह की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के मामले बढ़े हैं। तनाव और चिंता जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को आमतौर पर हम हल्के में लेते हैं, लेकिन सेहत के लिए यह काफी नुकसानदायक हो सकते हैं।
आज का हेल्थ टिप्स: मानसिक स्वास्थ्य के लिए इन चीजों का सेवन है फायदेमंद, डिप्रेशन-एंग्जाइटी रहेगी दूर
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साबुत अनाज का करें सेवन
साबुत अनाज के सेवन को कई तरह से लाभदायक माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर रखने में सहायक है? साबुत अनाज में जटिल कार्बोहाइड्रेट और कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। इसके अलावा, साबुत अनाज मस्तिष्क को ट्रिप्टोफैन को अवशोषित करने में मदद करते हैं। मस्तिष्क के कार्यों को बढ़ाते हुए अवसाद और चिंता के लक्षणों को कम करने में भी इसे फायदेमंद माना जाता है।
पालक का सेवन है फायदेमंद
पालक और अन्य पत्तेदार साग आपके मस्तिष्क को पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड प्रदान करते हैं, जिससे अवसाद का खतरा कम होता है। जिन लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के कारण नींद न आने की दिक्कत होती है, उनके लिए भी पालक के सेवन को लाभदायक माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि पालक में कई ऐसे यौगिक मौजूद होते हैं जो वृद्ध लोगों में डेमेंशिया के खतरे को कम करने में भी मदद कर सकते हैं।
सूखे मेवे हैं बड़े फायदेमंद
सूखे मेवों को ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है, जो अवसाद से लड़ने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, काजू में मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो मस्तिष्क को ऑक्सीजन प्रदान करने में मदद करता है। वहीं बादाम में फेनिलएलनिन नामक एक यौगिक होता है, जो मस्तिष्क को डोपामाइन और अन्य न्यूरोट्रांसमीटर का उत्पादन करने में मदद करता है और आपके मूड को सही रखने में सहायक है। फेनिलएलनिन को पार्किंसंस रोग के लक्षणों को कम करने में भी कारगर माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।