शरीर को सेहतमंद और पाचन तंत्र को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए आहार का सही चयन बहुत आवश्यक माना जाता है। स्वस्थ भोजन जहां शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है, वहीं भोजन की अशुद्धि कई प्रकार के स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है। विशेषकर, चूंकि अब तापमान बढ़ रहा है, ऐसे में भोजन की शुद्धता पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। दूषित भोजन में बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी हो सकते हैं जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं। भोजन के रखरखाव या पकाते समय बरती जाने वाली असावधानियों के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
आहार विशेषज्ञ से जानिए: क्या फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है चावल? इन चीजों के सेवन से पहले भी सावधानी बरतने की सलाह
स्प्राउट्स को लेकर बरतें सावधानी
हम में से ज्यादातर लोग दिन की शुरुआत स्प्राउट्स के साथ करते हैं। कई तरह के अंकुरित आहार का यह संयोजन सेहत के लिए काफी पौष्टिक माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि इसे तैयार करते समय बरती गई असावधानी फूड पॉइजनिंग के जोखिम को बढ़ा सकती है? अनाजों को भिगो कर रखने से उसमें कई तरह के बैक्टीरिया पनप सकते हैं, ऐसे में स्प्राउट्स के सेवन से पहले इसे कई बार अच्छी तरह से धोना न भूलें।
चावल से कैसे हो सकती है फूड पॉइजनिंग?
ज्यादातर घरों में चावल के बिना भोजन को अधूरा माना जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि यह फूड पॉइजनिंग के खतरे को बढ़ा सकता है? आहार विशेषज्ञ कोरी एल रोड्रिगेज कहते हैं, अक्सर चावल को पकाने के बाद कई घंटों तक ऐसे ही छोड़ दिया जाता है। यह आदत सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। पके हुए चावल को ज्यादा समय तक बाहर न रखें। इसे या तो गरम खाएं या पकाने के एक घंटे के भीतर ही फ्रिज में रख लें। ऐसा करके आप फूड पॉइजनिंग के जोखिम को कम कर सकते हैं।
मांस में हो सकते हैं कई तरह के बैक्टीरिया
आहार विशेषज्ञों का कहना है कि जिन चीजों से फूड पॉइजनिंग का खतरा सबसे अधिक होता है, मांस उनमें से एक है। अधपका मांस का सेवन करने से इस समस्या का जोखिम कई गुना तक बढ़ जाता है। मांस में कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं, ऐसे में अगर इसे बिना अच्छी तरह से पकाए ही खाया जाता है तो यह फूड पॉइजनिंग के साथ कई तरह की अन्य समस्याओं के जोखिम को भी बढ़ा सकती है। फ्रोजन मांस से यह खतरा और भी बढ़ जाता है। मांस को अच्छी तरह से धोकर और पकाकर ही सेवन करना चाहिए।
तरबूज-खरबूज
गर्मियों के दिनों में हाइड्रेशन बनाए रखने के लिए तरबूज-खरबूज का सेवन करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। पर इसको खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें। कटा हुआ तरबूज-खरबूज ज्यादा देर तक न रखें। इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा काफी बढ़ जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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