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बस अपनी ये तीन आदतें बदल दीजिए, डॉक्टर या दवा की जरूरत नहीं पड़ेगी
रुपायन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:02 AM IST
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fitness
तन-मन से फिट रहना चाहती हैं, तो आपको उन चीजों को अपनी आदतों में शामिल करना होगा, जो शरीर को स्वस्थ और तरोताजा बनाए रखने में मदद करती हैं। नियमित ब्रश करना आैर नहाना। सही समय पर संतुलित आहार लेना... ये कुछ ऐसी आदतें हैं, जो आपको फिट रखती हैं। इसके अलावा कुछ आैर भी आदतें हैं, जोकि आपको लंबे समय तक फिट और स्वस्थ रखती हैं जैसे-
Walking Stairs
हर दिन कुछ कदम
एक्सरसाइज करने के लिए आपके पास समय नहीं है, लेकिन टीवी देखना नहीं भूलतीं। तो क्या इस समय में से कुछ समय आप शारीरिक गतिविधि के लिए नहीं निकाल सकतीं। जरूरी नहीं कि एक घंटा ही टहलें। सुबह-सुबह बीस मिनट भी टहल लें, तो इसका फायदा होता है। जहां पैदल चलने की गुंजाइश हो, तो चलें जरूर। इसे अपनी रोजाना की एक आदत बना लें। मानवीय शरीर इस प्रकार से बना है कि वह बिना शारीरिक कार्य किए स्वस्थ नहीं रह सकता, इसलिए हर उम्र में शारीरिक रूप से सक्रिय रहना जरूरी है। पैदल चलने के अलावा ब्रीदिंग, तैरना या अन्य कोई शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालें। इसे अपनी एक आदत बना लें।
एक्सरसाइज करने के लिए आपके पास समय नहीं है, लेकिन टीवी देखना नहीं भूलतीं। तो क्या इस समय में से कुछ समय आप शारीरिक गतिविधि के लिए नहीं निकाल सकतीं। जरूरी नहीं कि एक घंटा ही टहलें। सुबह-सुबह बीस मिनट भी टहल लें, तो इसका फायदा होता है। जहां पैदल चलने की गुंजाइश हो, तो चलें जरूर। इसे अपनी रोजाना की एक आदत बना लें। मानवीय शरीर इस प्रकार से बना है कि वह बिना शारीरिक कार्य किए स्वस्थ नहीं रह सकता, इसलिए हर उम्र में शारीरिक रूप से सक्रिय रहना जरूरी है। पैदल चलने के अलावा ब्रीदिंग, तैरना या अन्य कोई शारीरिक गतिविधि के लिए समय निकालें। इसे अपनी एक आदत बना लें।
sweets
मीठे की आदत
भोजन के बाद अक्सर कुछ मीठा खाने का मन करता है। या यूं कहें कि यह आदत बचपन से पड़ी होती है। लेकिन यह हमारे शरीर की आवश्यकता नहीं है। यह एक प्रकार की आदत है, जिसे हमने धीरे-धीरे विकसित किया है। और अब हम कभी भी भोजन करें, भोजन के बाद कुछ-न-कुछ मीठा खाने की हमारी आदत-सी हो गई है। इस आदत को खत्म करने की आवश्यकता है। इसके लिए भोजन के बाद कुछ ऐसा खाएं, जो कम हानिकारक और ज्यादा पौष्टिक हो। फल सबसे अच्छा विकल्प है। फलों में कैलोरी की कम मात्रा होती है। कुकीज या आइसक्रीम की तुलना में स्वास्थ्य के लिहाज से ये ज्यादा फायदेमंद होते हैं। फल के अलावा आप पनीर, दही, नट्स, दूध आदि, यहां तक की पानी का भी विकल्प आजमा सकती हैं। इसको आप कुछ हफ्तों तक लगातार करके देखें। आप पाएंगी कि आपको भोजन के बाद कुछ मीठा खाने की जगह इन चीजों को खाने की आदत पड़ गई है।
भोजन के बाद अक्सर कुछ मीठा खाने का मन करता है। या यूं कहें कि यह आदत बचपन से पड़ी होती है। लेकिन यह हमारे शरीर की आवश्यकता नहीं है। यह एक प्रकार की आदत है, जिसे हमने धीरे-धीरे विकसित किया है। और अब हम कभी भी भोजन करें, भोजन के बाद कुछ-न-कुछ मीठा खाने की हमारी आदत-सी हो गई है। इस आदत को खत्म करने की आवश्यकता है। इसके लिए भोजन के बाद कुछ ऐसा खाएं, जो कम हानिकारक और ज्यादा पौष्टिक हो। फल सबसे अच्छा विकल्प है। फलों में कैलोरी की कम मात्रा होती है। कुकीज या आइसक्रीम की तुलना में स्वास्थ्य के लिहाज से ये ज्यादा फायदेमंद होते हैं। फल के अलावा आप पनीर, दही, नट्स, दूध आदि, यहां तक की पानी का भी विकल्प आजमा सकती हैं। इसको आप कुछ हफ्तों तक लगातार करके देखें। आप पाएंगी कि आपको भोजन के बाद कुछ मीठा खाने की जगह इन चीजों को खाने की आदत पड़ गई है।
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food
जरूरत से ज्यादा खाना
आदतें एक तरह से हमारे मन के अंदर चल रही भावनाएं होती हैं। जब आप कोई गतिविधि से जुड़ती हैंं, तब हमारा मन अच्छा महसूस करता है और इस भावना को हम फिर से प्राप्त करना चाहते हैं, ताकि मन को अच्छा महसूस हो। मिठाई खाना, सिगरेट पीना, शारीरिक अभ्यास करना, संगीत सुनना और लोगों की मदद करना, कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें हम वापस फिर से करना चाहते हैं। जरूरत से ज्यादा भोजन करना उन्हीं में एक भावना है। भोजन करना हमारी सबसे अच्छी शारीरिक आवश्यकता थी, है और रहेगी। और जब भोजन प्रचुर मात्रा में हमारे पास उपलब्ध रहता है, तब कई बार जरूरत से ज्यादा ही भोजन कर लेते हैं, जो गलत आदत है। पसंद की कोई चीज मिल जाए, तो उसे तब तक खाते हैं, जब तक कि हम पूरी तरह से संतुष्ट न हो जाएं। कभी-कभी तो बहुत ज्यादा हो जाता है। अगर आपको शारीरिक रूप से फिट और स्वस्थ रहना है, तो आपको जरूरत के अनुसार ही भोजन करने का अभ्यास करना पड़ेगा, ज्यादा मात्रा में नहीं। किसी के ज्यादा दबाव डालने पर भी नहीं।
एक बार जब आपने ऐसा करना शुरू कर दिया, तब आप पाएंगी कि यह धीरे-धीरे आपकी आदत में शुमार हो गया है। इस तरह आप अपने शरीर को ज्यादा फिट रख पाएंगी। इसी तरह अन्य आदतों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है, जिसका आपकी सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
आदतें एक तरह से हमारे मन के अंदर चल रही भावनाएं होती हैं। जब आप कोई गतिविधि से जुड़ती हैंं, तब हमारा मन अच्छा महसूस करता है और इस भावना को हम फिर से प्राप्त करना चाहते हैं, ताकि मन को अच्छा महसूस हो। मिठाई खाना, सिगरेट पीना, शारीरिक अभ्यास करना, संगीत सुनना और लोगों की मदद करना, कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें हम वापस फिर से करना चाहते हैं। जरूरत से ज्यादा भोजन करना उन्हीं में एक भावना है। भोजन करना हमारी सबसे अच्छी शारीरिक आवश्यकता थी, है और रहेगी। और जब भोजन प्रचुर मात्रा में हमारे पास उपलब्ध रहता है, तब कई बार जरूरत से ज्यादा ही भोजन कर लेते हैं, जो गलत आदत है। पसंद की कोई चीज मिल जाए, तो उसे तब तक खाते हैं, जब तक कि हम पूरी तरह से संतुष्ट न हो जाएं। कभी-कभी तो बहुत ज्यादा हो जाता है। अगर आपको शारीरिक रूप से फिट और स्वस्थ रहना है, तो आपको जरूरत के अनुसार ही भोजन करने का अभ्यास करना पड़ेगा, ज्यादा मात्रा में नहीं। किसी के ज्यादा दबाव डालने पर भी नहीं।
एक बार जब आपने ऐसा करना शुरू कर दिया, तब आप पाएंगी कि यह धीरे-धीरे आपकी आदत में शुमार हो गया है। इस तरह आप अपने शरीर को ज्यादा फिट रख पाएंगी। इसी तरह अन्य आदतों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है, जिसका आपकी सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।