शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार विशेषज्ञ नट्स और सीड्स का सेवन करने की सलाह देते हैं। कुछ फलों-सब्जियों के बीज (सीड्स) में भरपूर पोषक तत्वों की मात्रा पाई जाती है जिनके सेवन से न सिर्फ आप कई प्रकार की बीमारियों से बचे रह सकते हैं साथ ही ये आपको लंबी और स्वस्थ आयु प्राप्त करने में भी मदद करते हैं।
Flaxseed: बहुत फायदेमंद होते हैं अलसी के बीज, जानिए गर्मियों में इसका सेवन करना चाहिए या नहीं?
अलसी के बीज से होने वाले फायदे
अध्ययनों से पता चलता है कि अलसी के बीज में भरपूर फाइबर होता है जो इसे पेट के लिए काफी लाभप्रद बनाता है। इसके अलावा उच्च रक्तचाप वाले 112 लोगों पर 12-सप्ताह के अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने प्रतिदिन 4 बड़े चम्मच (30 ग्राम) अलसी के बीज का सेवन किया उनके बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप में महत्वपूर्ण कमी आई।
इस बीज का तासीर गर्म होता है तो क्या गर्मी के दिनों में भी इसका सेवन किया जा सकता है? आइए समझते हैं।
क्या कहते हैं आहार विशेषज्ञ?
आहार विशेषज्ञ बताती हैं, अलसी के बीज की तासीर गर्म होती है ऐसे में इसके कारण आपको कई प्रकार की असहजता की समस्या हो सकती है। हालांकि ऐसा नहीं है कि गर्मियों में अलसी के बीज बिल्कुल नहीं खाने चाहिए, आप इसका सेवन संयमित मात्रा में कर सकते हैं। रोजाना एक चम्मच की मात्रा में कम से कम छह-आठ घंटे भीगे हुए अलसी के बीज का सेवन सुरक्षित माना जा सकता है। हालांकि अधिक मात्रा में इसके कारण पेट में सूजन, अपच सहित अन्य प्रकार की पाचन समस्याएं हो सकती हैं।
गर्मियों में खाएं या नहीं?
विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मियों में भी सीड्स को आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है क्योंकि इनमें मौजूद पोषक तत्वों की हमें नियमित रूप से जरूरत होती है। बस इसकी मात्रा की ध्यान रखें। शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या के शिकार लोगों के लिए इन बीजों से काफी फायदे हो सकते हैं। हृदय रोग के प्रमुख कारक कोलेस्ट्रॉल-रक्तचाप को कंट्रोल रखने में इससे लाभ पाया जा सकता है।
डायबिटीज रोगियो के लिए बहुत लाभप्रद
अलसी के बीज रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करने में मदद कर सकते हैं। अध्ययनों की समीक्षा के अनुसार, अलसी रक्त शर्करा को कम करने और इंसुलिन प्रतिरोध को रोकने में मददगार हो सकती है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उन्हें आहार में अलसी के बीज को शामिल करने से लाभ मिल सकता है। डायबिटीज के कारण होने वाले हृदय रोगों के जोखिमों को कम करने में भी इससे लाभ पाया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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