हमारे घरों में रोजाना कई ऐसी औषधियों को प्रयोग में लाया जाता रहा है जो सेहत के लिए अद्भुत लाभकारी हो सकती हैं। विशेषकर किचन में मौजूद तमाम मसालों को लेकर हुए अध्ययनों में इसके विभिन्न प्रकार के औषधीय गुणों के बारे में पता चलता है। कई औषधियों को वर्षों से तमाम तरह की बीमारियों के घरेलू उपचार के रूप में प्रयोग में लाकर लाभ प्राप्त किया जाता रहा है। सौंफ भी हर घर में मसालों में प्रयोग की जाने वाली औषधि है जो सेहत के लिए कई तरह के लाभ को समाहित किए हुए है। दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में सौंफ के तमाम तरह के फायदों के बारे में जिक्र मिलता है।
Home Remedies: कई समस्याओं का रामबाण घरेलू इलाज है यह औषधि, डायबिटीज रोगी भी कर सकते हैं सेवन
पेट की समस्याओं में रामबाण है सौंफ
सौंफ के बीज को कब्ज, पेट के सूजन और अपच को ठीक करने के लिए वर्षों से प्रयोग में लाया जाता रहा है। गर्मियों में सौंफ की ठंडाई पेट को ठंडक देने के साथ पेट फूलने और अपच की समस्या में काफी लाभदायक मानी जाती है। अध्ययनों से पता चलता है कि सौंफ में एनेथोल, फेनचोन और एस्ट्रैगोल जैसे आवश्यक तत्व होते हैं जो एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीस्पास्मोडिक गुणों के लिए जाने जाते हैं। पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए भोजन के बाद एक चुटकी सौंफ का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है।
रक्तचाप को करता है कंट्रोल
जिन लोगों को अक्सर हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत बनी रहती है, सौंफ का सेवन उनके लिए भी विशेष लाभदायक हो सकता है। जर्नल ऑफ फूड साइंस में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि सौंफ चबाने से लार में नाइट्राइट का स्तर बढ़ जाता है। यह प्राकृतिक तत्व, रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक है। इसके अलावा सौंफ में पोटैशियम भी प्रचुर मात्रा में होती है जो रक्तचाप और हृदय गति को नियंत्रित करने में सहायक है।
त्वचा के लिए है फायदेमंद
सौंफ को वर्षों से त्वचा संबंधी लाभ के लिए जाना जाता है। सौंफ का पानी पीने से लेकर चेहरे पर इसका पेस्ट लगाने तक, कई तरीकों से इसे प्रयोग में लाया जाता रहा है। सौंफ का सेवन आपके रक्तप्रवाह में ऑक्सीजन के संतुलन को बनाए रखते हुए हार्मोन को संतुलित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये त्वचा पर एक ठंडा और सुखदायक प्रभाव डालकर, त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में भी सहायक है।
स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए फायदेमंद
सौंफ में गैलेक्टोजेनिक गुण पाए जाते हैं, जिसका अर्थ है कि यह दूध के स्राव को बढ़ाने में मदद करता है। शोध से पता चलता है कि सौंफ का सेवन रक्त में प्रोलैक्टिन के स्तर को बढ़ाने में सहायक है। यह हार्मोन शरीर को स्तन के दूध का उत्पादन करने का संकेत देता है। यही कारण है कि प्रसव के बाद अक्सर माताओं को सौंफ चबाने को दिया जाता रहा है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। बताए गए तरीके वैकल्पिक उपचार हैं, इन्हें दवाइयों का विकल्प नहीं माना जा सकता।
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