कैंसर एक गंभीर और बड़ी बीमारी है। कई शोध हुए हैं हालांकि विज्ञान भी अभी तक पूरी तरह इसका इलाज नहीं खोज पाया है। लेकिन पेट के कैंसर का इलाज सबके किचन में मिलने वाली हल्दी के द्वारा किया जा सकता है। आगे की स्लाइड में जानें पूरी जानकारी।
हर रसोई में मिलने वाली 'हल्दी' से होगा पेट के कैंसर का इलाज
हल्दी के पौधे की जड़ों से निकले करक्यूमिन को पेट का कैंसर रोकने या उससे निपटने में मददगार पाया गया है। फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ साओ पाउलो और फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ पारा के रिसर्चर्स ने ब्राजील में ये जानकारी दी। करक्यूमिन के अलावा, हिस्टोन गतिविधि को संशोधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दूसरे यौगिकों में कोलकेल्सीफेरोल, रेस्वेराट्रोल, क्वेरसेटिन, गार्सिनॉल और सोडियम ब्यूटाइरेट प्रमुख थे।
वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड इंटरनेशनल के पेट के कैंसर संबंधी आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में हर गैस्ट्रिक कैंसर के करीब 9 लाख 52 हजार नए मामले सामने आते हैं, जिसमें लगभग 7 लाख 23 हजार लोगों की जान चली जाती है। पेट का कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण उम्र से जुड़ा हुआ है। अधिकतर मामलों में देखा गया है कि पेट के कैंसर के रोगी की उम्र 55 से 70 वर्ष के बीच थी। अन्य प्रकार के कैंसर अधेड़ और बुजुर्गों दोनों में पाए जाते हैं, लेकिन पेट का कैंसर उम्रदराज व्यक्तियों में ज्यादा पाया जाता है।
-पेट में अकसर दर्द रहना
-खाना खाने के बाद पेट फूल जाना
-भूख न लगने की समस्या
-अधिकतर मितली की समस्या या उल्टी आना
-कमजोरी और थकावट होना
-तेजी के साथ वजन कम होना
-मल में रक्त आना