Harmful Foods For Liver Health: आमतौर पर जब हम फैटी लीवर की बात करते हैं, तो सबसे पहले चीनी और शराब को ही इसका मुख्य कारण माना जाता है। मगर क्या आप जानते हैं कि आपके किचन के डिब्बों में रखी कुछ बेहद साधारण चीजें चीनी से भी ज्यादा नुकसानदायक हैं जो फैटी लीवर के जोखिम को कई गुना बढ़ा रही हैं?
Fatty Liver: चीनी के अलावा फैटी लीवर के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती हैं किचन में मौजूद ये चीजें, यहां जानें
Foods Causing Fatty Liver: फैटी एक बेहद गंभीर समस्या है, जिसको लेकर बहुत से लोग परेशान रहते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि हमारे किचन में मौजूद कुछ चीजें समस्या के जोखिम को और गंभीर बना देते हैं। आइए इस लेख में उन्हीं चीजों के बारे में विस्तरा से जानते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैदा और रिफाइंड कार्ब्स
चीनी की तरह ही मैदा और उससे बने उत्पाद जैसे बिस्कुट, सफेद ब्रेड और पास्ता लीवर के लिए नुकसानदायक हैं। इनमें फाइबर की मात्रा ना के बराबर होती है, जिससे ये शरीर में जाकर तेजी से ग्लूकोज में बदल जाते हैं। जब खून में अचानक ग्लूकोज का लेवल बढ़ता है, तो लीवर इसे फैट में बदल देता है, जिससे 'नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज' का खतरा बढ़ जाता है।
ये भी पढ़ें- Health Tips: सिर्फ डायरिया ही नहीं, गंदा पानी पीने से इन गंभीर बीमारियों का भी बढ़ जाता है जोखिम
नमक का अधिक सेवन
किचन में मौजूद नमक का अत्यधिक सेवन सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर ही नहीं, बल्कि फैटी लीवर के जोखिम को भी बढ़ा देता है। प्रोसेस्ड स्नैक्स, अचार और डिब्बाबंद खानों में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। बहुत अधिक सोडियम शरीर में 'फ्लुइड रिटेंशन' और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाता है। यह लीवर की कोशिकाओं में स्कारिंग की प्रक्रिया को तेज कर सकता है, जिससे लीवर डैमेज होने की आशंका बढ़ जाती है।
ये भी पढ़ें- Diarrhea: कब गंभीर हो जाता है डायरिया? दस्त होने पर ये सावधानियां कम कर सकती हैं आपकी समस्या
ट्रांस फैट और वनस्पति घी
खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला वनस्पति घी और दोबारा गरम किया गया तेल ट्रांस फैट का भंडार है। ट्रांस फैट्स न केवल शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं, बल्कि लीवर में सूजन पैदा करते हैं। समोसे, कचोरी या बाहर के तले हुए खाद्य पदार्थों में मौजूद ये फैट सीधे लीवर के टिशूज में जमा हो जाते हैं, जिसे पचाना शरीर के लिए लगभग असंभव हो जाता है।
फैटी लीवर से बचने के लिए मैदा की जगह होल ग्रेन (जैसे ओट्स, बाजरा) और रिफाइंड तेल की जगह कोल्ड-प्रेस्ड तेल का चुनाव करें। अपने भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं और सक्रिय जीवनशैली अपनाएं। ध्यान रखें लीवर आपके शरीर का फिल्टर है, यदि आप इसे साफ रखेंगे, तो यह पूरे शरीर को स्वस्थ रखेगा।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।