Severe Symptoms And Identification Of Diarrhea: इंदौर में दूषित पानी के सेवन से डायरिया के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वर्तमान में 100 से अधिक मरीज अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है। डायरिया जिसे सामान्य भाषा में 'दस्त' कहा जाता है, अक्सर लोग इसे मामूली मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन दूषित जल से होने वाला यह संक्रमण शरीर को अंदर से खोखला कर सकता है।
Diarrhea: कब गंभीर हो जाता है डायरिया? दस्त होने पर ये सावधानियां कम कर सकती हैं आपकी समस्या
Indore Diarrhea Outbreak: इंदौर में इन दिनों डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बहुत से लोगों के मन में डायरिया को लेकर कई सवाल हैं, इसी कड़ी कई लोग जानना चाहते हैं कि डायरिया कब जानलेवा होता है? आइए इस लेख में इन्हीं प्रश्नों का जवाब जानते हैं।
कब समझें कि स्थिति गंभीर है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक डायरिया तब गंभीर माना जाता है जब मरीज को दिन में 8 से अधिक बार पतले दस्त हों या मल के साथ खून आने लगे। अगर मरीज को तेज बुखार, लगातार उल्टी, पेट में असहनीय मरोड़, या पेशाब का आना बंद हो जाए, तो यह गंभीर डिहाइड्रेशन के संकेत हैं। ऐसे लक्षणों में घर पर उपचार के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर 'IV फ्लुइड्स' (ड्रिप) चढ़वाना बहुत जरूरी होता है।
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दस्त शुरू होते ही शरीर में पानी की कमी को रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए। मरीज को हर दस्त के बाद ORS (ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट) का घोल देना चाहिए। ओआरएस न केवल पानी, बल्कि शरीर के जरूरी नमक के संतुलन को भी बनाए रखता है।
अगर ओआरएस उपलब्ध न हो, तो घर पर चीनी-नमक का घोल या नारियल पानी का सेवन कराएं। सादा पानी पर्याप्त नहीं होता क्योंकि वह शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई नहीं कर पाता।
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खान-पान में बरतें ये सावधानियां
इंदौर की वर्तमान स्थिति को देखते हुए, सबसे पहली सावधानी है कि पानी उबालकर पीएं। दस्त के दौरान भारी, मसालेदार, या डेयरी उत्पादों (दूध) से परहेज करें क्योंकि ये आंतों की सूजन को बढ़ा सकते हैं। इसके बजाय केला, चावल, सेब की चटनी और टोस्ट का सेवन करें। ये खाद्य पदार्थ मल को बांधने में मदद करते हैं और पचने में बहुत हल्के होते हैं।
डायरिया के प्रसार को रोकने के लिए पर्सनल हाईजिन बहुत जरूरी है। खाना बनाने या खाने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से जरूर हाथ धोएं। इंदौर के नागरिक फिलहाल खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और बर्फ के सेवन से बचें। अगर आपके इलाके में गंदा पानी आ रहा है, तो क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करें। ध्यान रखें जागरूकता और समय पर लिया गया निर्णय ही आपको अस्पताल पहुंचने से बचा सकता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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