Health Tips: सिर्फ डायरिया ही नहीं, गंदा पानी पीने से इन गंभीर बीमारियों का भी बढ़ जाता है जोखिम
List of Waterborne Diseases: इंदौर से इन दिनों गंदा पानी पीने से कई लोगों के मौत के मामले सामने आ रहे हैं। ज्यादातर लोग डायरिया से परेशान हैं, लेकिन गंदा पानी कई अन्य गंभीर जानलेवा बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा देता है, जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।
टाइफाइड और हैजा
गंदा पानी टाइफाइड और हैजा का सबसे बड़ा कारण है। टाइफाइड 'साल्मोनेला टाइफी' बैक्टीरिया से होता है, जो तेज बुखार और आंतों में घाव कर सकता है। वहीं हैजा होने पर शरीर से पानी इतनी तेजी से निकलता है कि घंटों के भीतर मरीज की स्थिति नाजुक हो सकती है। ये दोनों बीमारियां दूषित जल के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैल सकती हैं।
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हेपेटाइटिस A और E
अशुद्ध पानी पीने से हेपेटाइटिस ए और ई जैसे वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ये वायरस सीधे लीवर पर हमला करते हैं, जिससे पीलिया, भूख न लगना और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं। हेपेटाइटिस ई विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। लीवर में होने वाली यह सूजन लंबे समय तक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, जिससे रिकवरी में महीनों लग जाते हैं।
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पेचिश और पेट के कीड़े
दूषित पानी में मौजूद परजीवी पेचिश और पेट में कीड़ों की समस्या पैदा करते हैं। इसमें मल के साथ खून और मरोड़ महसूस होती है। लंबे समय तक गंदा पानी पीने से आंतों में संक्रमण बना रहता है, जिससे शरीर पोषक तत्वों को सोख नहीं पाता। बच्चों में यह समस्या कुपोषण और विकास में बाधा का कारण बनती है। अशुद्ध पानी के सूक्ष्म परजीवी आंतों की परत को धीरे-धीरे कमजोर कर देते हैं।
पानी से होने वाली इन बीमारियों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका पानी को उबालकर पीना है। उबालने से अधिकांश रोगाणु नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करें और जल संचयन के बर्तनों को नियमित साफ रखें। घर के बाहर खुले में बिकने वाले पेय पदार्थों और बर्फ से परहेज करें। अगर बुखार या दस्त के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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