देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। 10 मई को जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 3.66 लाख नए मामले सामने आए हैं, साथ ही इस दौरान 3700 लोगों की मौत हुई है। इस तरह से भारत में संक्रमितों का कुल मामला अब बढ़कर 2 करोड़ 26 लाख से अधिक हो गया है। इस बीच सोशल मीडिया में वायरल एक खबर में दावा किया जा रहा है कि कोविड के बढ़ते मामलों को मद्देनजर रखते हुए डब्ल्यूएचओ ने भारत को चेतावनी दी गई है। संगठन ने भारत को स्थिति और खराब होने के संकेत दिए हैं। आइए इस खबर की सच्चाई जानते हैं।
फैक्ट चेक: WHO ने किया अलर्ट, अगले 20 घंटे में भारत में कोरोना का हो जाएगा कम्यूनिटी ट्रांसमिशन, जानें खबर की सच्चाई?
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सोशल मीडिया में वायरल एक मैसेज में दावा किया जा रहा है- ''कोविड-19 के बढ़ते मामलों को मद्देनजर रखते हुए डब्ल्यूएचओ ने भारत को अलर्ट किया है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि यदि 20 घंटे में भारत में हालात नहीं सुधरे तो कल रात 11 बजे के बाद भारत कोरोना के थर्ड स्टेप यानी कि कम्यूनिटी ट्रांसमिशन में प्रवेश कर जाएगा। इतना ही नहीं 10 मई तक भारत में 50 हजार से ज्यादा मौतें हो सकती हैं क्योंकि भारत का जनसंख्या घनत्व अधिक है और भारतीय अभी तक इस संक्रमण को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।''
भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने ट्वीट के माध्यम से इस वायरल खबर का खंडन करते हुए लोगों को जागरूक किया है। ट्वीट में कहा गया है कि यह दावा फर्ज़ी है।
एक #फ़र्ज़ी मैसेज में दावा किया जा रहा है कि #COVID19 के बढ़ते मामलों को मद्देनजर रखते हुए #WHO की तरफ से भारत को चेतावनी दी गई है।
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 8, 2021
इस पर @WHOSEARO द्वारा पहले भी स्पष्टीकरण जारी किया गया है। कृपया ऐसे किसी मैसेज को फॉरवर्ड न करें।
पढ़ें:https://t.co/LFR4NgHfDR#PIBFactCheck pic.twitter.com/7FL1cGYPVh
कृपया ऐसे भ्रामक वीडियो या मैसेज को फॉरवर्ड न करें। यह बातें सरासर भ्रामक हैं।
कोरोना के आंकड़ों पर नज़र रखने वाली वेबसाइट वर्ल्डोमीटर के मुताबिक अब तक भारत में 22,662,575 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, वहीं मौतों का आंकड़ा 246,146 है। देश में अब तक 18,671,222 लोग कोरोना को मात भी दे चुके हैं।
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नोट: यह लेख केंद्र सरकार के के प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा किए गए फैक्ट चेक ट्वीट के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है।