Medically reviewed by-
(वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य)
हिमाचल प्रदेश
पिछले दो साल से अधिक समय से देश में जारी कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए लोग तमाम तरह के उपाय करते आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण ने लोगों को स्पष्ट तौर पर समझा दिया है कि अगर आपकी इम्युनिटी कमजोर है तो संक्रमण की चपेट में आसानी से आ सकते हैं, यही कारण है कि प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने वाले तमाम तरह के उपायों को प्रयोग में लाया जा रहा है। कोरोना के इस दौर में इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए जिस उपाय को सबसे ज्यादा प्रयोग में लाया जा रहा है वह है- काढ़ा। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक काढ़ा कई तरह की औषधियों को मिलाकर तैयार किया जाने वाला पेय है, जो शरीर के लिए कई तरह से लाभदायक हो सकता है। पर इस चक्कर में कहीं आप बहुत ज्यादा मात्रा में तो इसका सेवन नहीं कर रहे हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर के लिए जो भी चीजें जितनी फायदेमंद होती है, उसकी अधिकता उतनी ही नुकसानदायक भी हो सकती है। काढ़ा के सेवन के साथ भी ऐसा ही है। बहुत अधिक मात्रा में काढ़ा का सेवन करने से सेहत पर इसके कई तरह से नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
आयुर्वेद की सलाह: इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कहीं आप भी तो नहीं पीते हैं बहुत ज्यादा काढ़ा? इस खतरे के बारे में भी जान लीजिए
औषधियों के स्वास्थ्य लाभ
आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में कई सारी ऐसी औषधियों और जड़ी बूटियों का जिक्र मिलता है जिनका नियमित रूप से सेवन करना शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में कारगर मानी जाती है। तुलसी, गिलोय, हल्दी, काली मिर्च, अदरक, लौंग, नींबू, अश्वगंधा, इलायची और दालचीनी जैसी औषधियों को काढ़ा बनाने के लिए प्रयोग में लाया जाता रहा है। इनमें कई तरह के ऐसे अवयव पाए जाते हैं जोकि शरीर को संक्रमण से बचाने के साथ इम्युनिटी पावर को बढ़ावा दे सकते हैं, पर ध्यान देने वाली बात यह है कि इनका अधिक मात्रा में सेवन करना शरीर के लिए हानिकारक भी माना जाता है।
अधिक मात्रा में काढ़ा पीना है हानिकारक
वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ भूपेंद्र बताते हैं, काढ़ा का संयमित मात्रा में सेवन करना आपके लिए जितना फायदेमंद है, उसकी अधिकता उतनी ही समस्याओं का कारण भी बन सकती है। काढ़ा का अधिक सेवन आपके किडनी और लिवर के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकता है। हर किसी की शारीरिक क्षमता और स्थिति अलग होती है, ऐसे में आपके लिए काढ़ा में कौन सी सामग्री ली जा सकती है और कितनी मात्रा में इसका सेवन किया जाना चाहिए, इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
कितनी मात्रा में कर सकते हैं काढ़े का सेवन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा देशभर के प्रख्यात वैद्यों के परामर्श से जारी आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार, तमाम औषधियों के मिश्रण से बने काढ़े का सेवन दिन में एक या दो बार ही करना चाहिए। स्वाद के लिए चीनी की जगह गुड़ को मिलाना आपके लिए ज्यादा लाभदायक हो सकता है। औषधियों का संयमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। यदि आपको काढ़े में मौजूद किसी औषधि के कारण समस्या हो रही है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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