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बड़ी खबर: पता चल गया लॉन्ग कोविड सिंड्रोम का मुख्य कारण, अध्ययन में वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा

Tue, 17 Aug 2021 06:48 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Tue, 17 Aug 2021 06:48 PM IST
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evidence shows blood clotting may cause long covid syndrome, Study says
लॉन्ग कोविड की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

कोरोना संक्रमण के नए मामलों के साथ संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में लॉन्ग कोविड के मामले भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए लगातार चिंता का कारण बने हुए हैं। कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी बनी रहने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लॉन्ग कोविड के रूप में जाना जाता है। इसी को लेकर किए गए हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने लॉन्ग कोविड के मुख्य कारण को लेकर बड़ा खुलासा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि शरीर के भीतर रक्त का थक्का बनने की स्थिति लॉन्ग कोविड सिंड्रोम का मुख्य कारण हो सकती है। अध्ययन के दौरान लॉन्ग कोविड सिंड्रोम के शिकार ज्यादातर लोगों में रक्त के थक्कों का निदान किया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन लोगों में रक्त के थक्के बनने की समस्या ज्यादा रही है, उनमें लॉन्ग कोविड के लक्षण भी गंभीर हो सकते हैं।


गौरतलब है कि संक्रमण की रिपोर्ट निगेटिव आ जाने के बाद हफ्तों से लेकर महीनों तक लोगों में कई तरह की समस्याएं बनी रहती हैं। सांस फूलना, थकान और शरीर के कई अन्य अंगों से संबंधित इसकी तरह की दिक्कतों को लॉन्ग कोविड सिंड्रोम के रूप में देखा जाता है। रिपोर्टस के मुताबिक दुनियाभर में लाखों लोग इस तरह की समस्याओं के शिकार हैं। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि आखिर वैज्ञानिकों को लॉन्ग कोविड के मुख्य कारकों के बारे में अध्ययन में क्या पता चला है?

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लॉन्ग कोविड रोगियों पर किया गया अध्ययन (सांकेतिक) - फोटो : iStock

लॉन्ग कोविड के कारणों को जानने के लिए अध्ययन
आयरलैंड स्थित आरसीएसआई यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन एंड हेल्थ साइंसेज में लॉन्ग कोविड के कारकों के बारे में जानने के लिए वैज्ञानकों नें 50 रोगियों पर अध्ययन किया। अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने जानने की कोशिश की, कि क्या असामान्य रूप से रक्त के थक्का बनने को लॉन्ग कोविड के कारणों के रूप में देखा जा सकता है? जर्नल ऑफ थ्रोम्बोसिस एंड हेमोस्टेसिस में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि लॉन्ग कोविड सिंड्रोम वाले रोगियों में बल्ड क्लॉटिंग मार्कर देखे गए हैं। इस आधार पर कोविड-19 के दौरान रक्त के थक्का बनने को लॉन्ग कोविड सिंड्रोम का कारक माना जा सकता है।

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रक्त का थक्का बनने के कारण हो सकती है लॉन्ग कोविड की समस्या (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

रक्त का थक्का बनने और लॉन्ग कोविड की समस्या
वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्लड क्लॉटिंग मार्कर उन रोगियों में अधिक देखे गए हैं जिन्हें कोविड-19 संक्रमण के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता थी। हालांकि, यह कोई निश्चित मापदंड नहीं है, घर पर बीमारी का प्रबंधन करने में सक्षम रोगियों में भी थक्कों के मार्कर देखे जा सकते हैं। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि रक्त के थक्के बनने की समस्या सीधे तौर पर लॉन्ग कोविड के लक्षणों जैसे थकान, गंभीर कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों को बढ़ा सकती है।
कोरोना की दूसरी लहर में गंभीर संक्रमण के कारण रोगियों में रक्त के थक्का बनने के मामले ज्यादा सामने आए थे।

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रक्त का थक्का बनना कोविड रोगियों के लिए खतरनाक (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

क्या कहते हैं शोधकर्ता?
वैज्ञानिक बताते हैं, कोरोना से ठीक होने के बाद कुछ समय में इंफ्लामेशन मार्कर तो सामान्य स्थिति में आ जा रहे हैं, लेकिन रोगियों में रक्त के थक्का बनने की स्थिति अब भी बनी देखी जा रही है। अध्ययन के प्रमुख लेखक हेलेन फोगार्टी कहते हैं, संक्रमण से ठीक होने के बाद इंफ्लामेशन मार्कर तो कम हो जाते हैं, लेकिन ज्यादातर रोगियों में ब्लड क्लॉटिंग मार्कर लंबे समय  देखे जा रहे हैं, इस आधार पर हमारे नतीजे बताते हैं कि ब्लड क्लॉटिंग सिस्टम को लॉन्ग कोविड के मुख्य कारक के रूप में देखा जा सकता है। किसी बीमारी के प्रभावी उपचार के लिए उसके मूल कारण को समझना बेहद आवश्यक है।

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रक्त का थक्का और लॉन्ग कोविड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

क्या हैं अध्ययन के निष्कर्ष?
आरसीएसआई यूनिवर्सिटी में वैस्कुलर बायोलॉजी के प्रोफेसर जेम्स ओ'डॉनेल कहते है, दुनियाभर में लाखों लोग लॉन्ग कोविड सिंड्रोम के शिकार हैं। जिस तरह से नए वैरिएंट्स संक्रमण का कारक बन रहे हैं, ऐसे में आशंका है कि आने वाले समय में लॉन्ग कोविड वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में यह जरूरी है कि हम इस स्थिति का अध्ययन करना जारी रखें और प्रभावी उपचार के तरीकों को विकसित करें। इस दिशा में यह अध्ययन लॉन्ग कोविड रोगियों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। लॉन्ग कोविड का इलाज कर रहे डॉक्टरों को ब्लड क्लॉटिंग पर भी ध्यान देना चाहिए।


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स्रोत और संदर्भ: 
Blood clotting may be the root cause of Long COVID syndrome, research shows

अस्वीकरण नोट: यह लेख जर्नल ऑफ थ्रोम्बोसिस एंड हेमोस्टेसिस में प्रकाशित अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।

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