स्क्रीन टाइम बढ़ने को संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। स्क्रीन टाइम का मतलब मोबाइल-कंप्यूटर या टेलीविजन जैसे स्क्रीन पर बीतने वाला समय है। अगर आप रोजाना इन स्क्रीन्स पर बहुत अधिक समय बिताते हैं तो इसके अल्पकालिक और दीर्घकालिक कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं।
Screen Time: मोबाइल में बढ़ रहा है स्क्रीन टाइम तो हो जाएं अलर्ट, गंभीर बीमारियों का खतरा
स्क्रीन टाइम बढ़ने के कई नुकसान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, अधिक स्क्रीन टाइम शारीरिक स्वास्थ्य की समस्याओं जैसे गर्दन और पीठ में दर्द, झुकी हुई शारीरिक मुद्रा और मोटापे का कारण बन सकती है। यह उच्च रक्तचाप जैसे हृदय संबंधी विकारों के जोखिम को भी बढ़ाने वाली समस्या है। इसके अलावा स्क्रीन टाइम अधिक होने से तनाव और चिंता जैसे मानसिक स्वास्थ्य विकारों का भी खतरा रहता है।
चूंकि हम सभी मोबाइल और अन्य उपकरणों से घिरे रहते हैं, ऐसे में कैसे जाना जाए कि कहीं आपका स्क्रीन टाइम तो नहीं बढ़ गया है?
आंखों में दर्द और थकान की समस्या
लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने के कारण आंखों में जलन, खुजली, धुंधला दिखने और आंखों में दर्द जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसे कंप्यूटर विजन सिंड्रोम भी कहते हैं। मायोपिया की बढ़ती समस्या के लिए भी बढ़े हुए स्क्रीन टाइम को एक कारण माना जाता रहा है। अगर आपको भी आंखों में इस तरह की दिक्कतें हो रही हैं तो सावधान हो जाइए, ये बढ़े हुए स्क्रीन टाइम का संकेत हो सकता है।
नींद में आने लगी है कठिनाई
स्क्रीन टाइम बढ़ने का एक और दुष्प्रभाव नींद पर भी देखा जाता है। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन नामक हार्मोन के उत्पादन को बाधित करती है, जो नींद के चक्र को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक होता है। इसके कारण आपको अनिद्रा, बार-बार नींद टूटने और गहरी नींद न आने की दिक्कत हो सकती है। अगर कुछ समय से आपको भी नींद में दिक्कत महसूस हो रही है तो संभव है कि ये स्क्रीन टाइम बढ़ने का परिणाम हो।
ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
लगातार स्क्रीन पर समय बिताने से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो जाती है। विशेष रूप से बच्चों और किशोरों में, अत्यधिक स्क्रीन टाइम से उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वे तेजी से ध्यान भटकाने वाली गतिविधियों के आदी हो जाते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया और वीडियो गेम्स आदि पर अधिक समय बिताने के कारण भावनात्मक अस्थिरता जैसे अधिक चिड़चिड़ापन, गुस्सा आने जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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