Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
आजकल स्वास्थ्य संबंधी जो समस्या लोगों में सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है, वह है मोटापा यानी पेट की बढ़ी हुई चर्बी और इसकी सबसे बड़ी वजह है आजकल की बदली हुई जीवनशैली, जिसमें न लोग अपनी खानपान का ध्यान रख रहे हैं और न ही कोई फिजिकल एक्टिविटी शारीरिक गतिविधि) कर रहे हैं। विशेषज्ञ भी कहते हैं कि पेट में वसा यानी चर्बी मुख्य रूप से व्यायाम न करने, खराब जीवनशैली, अधिक वसा युक्त और मीठे खाद्य पदार्थों के सेवन से इकट्ठी होती है। पेट की बढ़ी हुई चर्बी न सिर्फ देखने में खराब लगती है बल्कि यह कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण भी बनती है। इससे डायबिटीज और हृदय रोग होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए सही समय पर संतुलित भोजन और नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए, क्योंकि ये पेट की चर्बी को कम करने में सहायक होते हैं।
सलाह: पेट की चर्बी को करना है कम तो इस तरह से करें पपीते का सेवन, मिलेगा फायदा
पपीते के सेवन से कम करें पेट की चर्बी
- पेट की चर्बी को कम करने में पपीता बेहद ही कारगर होता है, क्योंकि इसमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह फाइबर से भरपूर और वसा से मुक्त होता है। इसके अलावा इसमें कैलोरी भी बहुत कम होती है। इस वजह से पपीते को पेट की चर्बी कम करने के लिए एक उत्तम आहार माना जाता है। आप कच्चे या पके हुए पपीते का सेवन कर सकते हैं या फिर उसका जूस भी पी सकते हैं।
ग्रीन टी भी है अच्छा उपाय
- ग्रीन टी को भी पेट की चर्बी कम करने का एक अच्छा उपाय माना जाता है। सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले इसके सेवन से पेट का फैट तेजी से कम होता है। इसके अलावा ग्रीन टी के और भी कई सारे फायदे हैं। यह पाचन के साथ-साथ मानसिक और दिल की सेहत में भी सुधार लाती है।
नींद भी है जरूरी
- पेट की चर्बी कम करने के लिए नींद बहुत जरूरी है। विशेषज्ञ कहते हैं कि नींद पूरी न होने से कॉरटिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जो पेट की चर्बी बढ़ने का कारण है। इसलिए जरूरी है कि आप रोजाना एक अच्छी और गहरी नींद लें। इससे तनाव के साथ-साथ शरीर की थकान भी दूर होती है।
ये उपाय भी हैं कारगर
- खीरा, नींबू, अदरक और पुदीने का रस भी पेट की चर्बी को कम करने में मददगार हैं। इसके अलावा पेट की चर्बी कम करने के लिए मिठाई और अल्कोहल से बचें या सीमित मात्रा में इनका सेवन करें और साथ ही सैचुरेटेड फैट के सेवन से भी बचें।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
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