दुनियाभर में करीब 59,000 लोग रेबीज की वजह से मरते हैं। जिसमें से 90 प्रतिशत की मौत रेबीज से संक्रमित कुत्ते के काटने से होती है। भारत में प्रति वर्ष 18,000 से लेकर 20,000 लोगों की मौत रेबीज के कारण होती है। ये जो मौतें होती हैं उनमें से ज्यादातर इलाज और स्वास्थ सुविधाएं न मिलने के कारण होती हैं।
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कुत्ता काटे तो हल्के में ना लें और भूलकर ना करें ये गलतियां, उठाएं ये कदम वरना जा सकती है जान
सार
जानिए रेबीज के बारे में सबकुछ
कुत्ते के काटने पर ये बिलकुल ना करे
इस तरह रेबीज से कर सकते हैं बचाव
रेबीज से जुड़े रोचक तथ्य
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जानिए रेबीज के बारे में सबकुछ
- फोटो : Amar Ujala, GFX Artist Ishan Jian
रेबीज कितने प्रकार का होता है
रेबीज के प्रकार
- फोटो : Amar Ujala
मुख्यतः रेबीज दो रूप में हो सकता है,
जिनको उग्र रेबीज होता है उनके व्यवहार में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलता है जैसे, अनियमित व्यवहार, अत्यधिक क्रोध या उदास, अजीब सी उत्तेजना और चिड़चिड़ापन रहना।
इसके अन्य लक्षण-
पैरालिटिक रेबीज-
इसका असर और प्रभाव धीरे-धीरे होता है। इसमें अधिक समय लगता है मगर इसका प्रभाव बहुत ज्यादा गंभीर होता है। इसके परिणामस्वरूप मौत भी हो सकती है और शरीर पैरालिटिक हो सकता है।
- उग्र या तीव्र रेबीज
- पैरालिटिक रेबीज
- जब रेबीज वायरस व्यक्ति के नर्वस सिस्टम में पहुंच जाते हैं और उसके बाद मस्तिष्क तक पहुंच जाता है।
- रेबीज वायरस जब व्यक्ति के नर्वस सिस्टम में पहुंच जाता है तो इससे दिमाग में सूजन पैदा हो जाती है।
- जिससे व्यक्ति जल्द ही कोमा में चला जाता है या उसकी मौत हो जाती है।
- रेबीज के शिकार को पानी से भी डर लगता है। इसके अलावा इस वजह से कुछ लोगों को लकवा भी हो सकता है।
जिनको उग्र रेबीज होता है उनके व्यवहार में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलता है जैसे, अनियमित व्यवहार, अत्यधिक क्रोध या उदास, अजीब सी उत्तेजना और चिड़चिड़ापन रहना।
इसके अन्य लक्षण-
- घबराहट रहना
- बहुत बुरे सपने आना (डर वाले)
- मन अशांत रहना
- झुनझुनाहट महसूस करना
- शरीर में दर्द रहना
- पानी से भय
- कुछ भी निगलने में तकलीफ होना
- अतिरिक्त लार का आना
पैरालिटिक रेबीज-
इसका असर और प्रभाव धीरे-धीरे होता है। इसमें अधिक समय लगता है मगर इसका प्रभाव बहुत ज्यादा गंभीर होता है। इसके परिणामस्वरूप मौत भी हो सकती है और शरीर पैरालिटिक हो सकता है।
रेबीज फैलने के कारण
रेबीज के कारण
- फोटो : Amar Ujala
- रेबीज एक संक्रमण बीमारी होती है।
- यह जानवर की लार से फैलती।
- रेबीज से ग्रसित जानवर जब दूसरे को काट लेता है तो यह फैलता जाता है।
- यह न्यूरोट्रोपिक लाइसिसिवर्स (Neurotropic Lysaavirus) वायरस से फैलता है।
- यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
- इसके लिए टीका जरूर लगवाना चाहिए।
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रेबीज के लक्षण इस प्रकार हैं
रेबीज के लक्षण
- फोटो : Amar Ujala
इसके अन्य लक्षण-
इसके शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं मगर धीरे-धीरे यह खतरनाक रूप लेता जाता है। सही समय पर इसका उपचार बहुत जरूरी हो जाता है।
- डर लगना
- बहुत ज्यादा घबराहट होना
- गुस्सा आना
इसके शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं मगर धीरे-धीरे यह खतरनाक रूप लेता जाता है। सही समय पर इसका उपचार बहुत जरूरी हो जाता है।
- जी मचलना
- मन में बहुत ज्यादा घबराहट रहना
- बुखार का आना
- सिरदर्द रहना
- चिंता का रहना
- उलझन में मन रहना
- अशांत मन का रहना
- अनिंद्रा
- हाइड्रोफोबिया
- मुंह से अत्यधिक लार का गिरना
- बात-बात पर गुस्सा करना।
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रेबीज वायरस को फैलाने वाले जानवर
रेबीज को फैलाने वाले जानवर
- फोटो : Amar Ujala
इसको दो भागों में बांट सकते हैं-
पालतू जानवर-
जंगली जानवर -
पालतू जानवर-
- कुत्ता
- बिल्ली
- गाय
- बकरी
- घोड़ा और गधा
जंगली जानवर -
- बंदर
- लोमड़ी
- चमगादड़