आपने अब तक तमाम अध्ययनों में पढ़ा होगा, कॉफी के ज्यादा सेवन से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं। कुछ अध्ययनों में दावा किया जा रहा है कि ज्यादा कॉफी पीने वालों को अनिद्रा, डेमेंशिया और यहां तक कि बांझपन तक की भी समस्या हो सकती है। पर क्या वास्तव में कॉफी इतनी नुकसानदायक है? इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों के एक समूह का जवाब है- नहीं। कॉफी नुकसानदायक नहीं सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद भी हो सकती है। हाल ही में किए गए ऐसे ही एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कॉफी पीने के तमाम फायदों के बारे में बताया है।
जानना जरूरी: क्या टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को कम कर सकती है कॉफी? वैज्ञानिकों ने किया स्पष्ट
कॉफी पीने के फायदे
कॉफी के संभावित स्वास्थ्य लाभ को जानने के लिए इस संबंध में अब तक का सबसे बड़ा अध्ययन किया गया। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 4.68 लाख से अधिक लोगों के डेटा की जांच की। एमआरआई स्कैन की रिपोर्ट के आधार पर शोधकर्ताओं ने पाया कि एक दिन में लगभग तीन कप कॉफी पीने वाले लोगों के हृदय का स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। हालांकि अध्ययन में कॉफी के फायदों को केवल हृदय तक ही सीमित नहीं रखा गया है। वैज्ञानिकों ने इसके कई अन्य फायदों के बारे में भी बताया है।
टाइप-2 डायबिटीज रोगियों के लिए हो सकता है फायदेमंद
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि कॉफी का सेवन टाइप-2 डायबिटीज रोगियों के लिए भी काफी फायदेमंद हो सकता है। इस प्रकार के मधुमेह में मेटाबोलिक सिंड्रोम को प्रमुख अंतर्निहित कारणों में से एक माना जाता है। साल 2017 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग दिन में चार से छह कप कॉफी पीते हैं, उनमें मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा कम होता है, जिसके परिणामस्वरूप ऐसे लोगों में टाइप-2 डायबिटीज की आशंका भी कम हो सकती है।
कैंसर को भी कम कर सकती है कॉफी
अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि कॉफी पीने से लिवर कैंसर का जोखिम भी कम हो सकता है। साल 2019 में किए गए एक अध्ययन की समीक्षा के अनुसार, नियमित रूप से कॉफी का सेवन करने से लिवर कैंसर का खतरा कम हो सकता है। इतालवी शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि जो लोग दिन में तीन कप कॉफी पीते हैं उनमें लिवर कैंसर का खतरा 50 फीसदी तक कम होता है।
मानसिक रोगों के खतरे को भी घटा सकती है कॉफी
कॉफी को कई तरह के मानसिक रोगों से बचाव में भी फायदेमंद होने का दावा किया जा रहा है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि कॉफी पीने वालों में अल्जाइमर और डिमेंशिया का खतरा कम हो सकता है। यह दोनों न्यूरोडीजेनेरेटिव डिसऑर्डर है, जिनके मामले हाल के दिनों में तेजी से बढ़ते देखे जा रहे हैं। कई अध्ययनों के निष्कर्ष के आधार पर वैज्ञानिकों का कहना है कि जो लोग नियमित रूप से कॉफी पीते हैं उनमें अल्जाइमर और डिमेंशिया का जोखिम 65 फीसदी तक कम हो सकता है।
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स्रोत और संदर्भ:
Coffee and type 2 diabetes: A review of the latest research
अस्वीकरण नोट: यह लेख यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किए गए अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।