पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर शाकाहारी भोजन के प्रति लोगों को रुझान बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। पर्यावरणीय या स्वास्थ्य कारणों के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने वेजिटेरियन डाइट शिफ्ट किया है। अध्ययनों से पता चलता है कि शाकाहारी चीजों यानी पौधों से प्राप्त खाद्य पदार्थों के सेवन की आदत शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की आसानी से प्राप्ति में सहायक होती है, साथ ही इससे कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर जैसी समस्याओं के बढ़ने का जोखिम भी कम होता है, ऐसे में इस तरह की डाइट लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि शाकाहारी आहार का सेवन करने वाले लोगों की जीवन प्रत्याशा भी अधिक होती है। क्या यह वास्तव में सही है?
बड़ा सवाल: क्या शाकाहारी लोगों की लंबी होती है आयु? अध्ययन में बड़ा खुलासा, जानिए आहार का सेहत पर असर
शाकाहारी और मांसाहारी आहार
शाकाहारी या मांसाहारी आहार, शरीर को स्वस्थ रखने में किस प्रकार की चीजों को अधिक फायदेमंद माना जाता है, यह लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। कई अध्ययनों के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने पाया कि शाकाहारी भोजन में अन्य खाने के पैटर्न की तुलना में कम कैलोरी, सेचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी होती है। इसके अलावा इस तरह के आहार में फाइबर, पोटेशियम और विटामिन-सी की भी अधिकता होती है।
शकाहारियों का वजन, मांस खाने वालों की तुलना में कम होता है जिससे उनमें कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम होता है। ऐसे में शाकाहारी आहार को अधिक स्वस्थ माना जा सकता है।
क्या शाकाहारी लोगों को लंबी होती है जीवन प्रत्याशा?
अध्ययनकर्ताओं ने शाकाहारी और मांसाहारी लोगों के बीच किए गए तुलनात्मक अध्ययन में पाया कि मांसाहारी लोगों की तुलना में शाकाहारी लोगों की जीवन प्रत्याशा अधिक होती है। शोध से पता चलता है कि मांस का सेवन कम करने से आपका जीवनकाल 3.6 वर्ष तक बढ़ सकता है। इसी रिपोर्ट से पता चला है कि पौधों पर आधारित आहार का सेवन करने वाले लोगों की समूह वालों में, 70 वर्ष की आयु से अधिक जीवित रहने की संभावना भी अधिक देखी गई।
क्या कहते हैं अध्ययन?
शोधकर्ताओं ने अध्ययन के निष्कर्ष में पाया कि शाकाहारी लोगों की जीवनशैली, अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा बेहतर होती है। शोध यह भी कहते हैं कि शाकाहारी लोगों के धूम्रपान या शराब पीने की संभावना भी कम हो सकती है। बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) सामान्य बनाए रखने, नियमित रूप से व्यायाम करने के साथ ऐसे लोगों में कोलेस्ट्रॉल-ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने का खतरा भी अपेक्षाकृत कम होता है। पौधों पर आधारित आहार का सेवन करके वजन को कंट्रोल रखने में भी मदद मिल सकती है, जो हृदय रोग-डायबिटीज से बचाव के लिए आवश्यक है।
क्या है शोध का निष्कर्ष?
अध्ययनों के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने पाया कि शाकाहारी आहार अधिक पौष्टिक होते हैं, चूंकि शाकाहार में पौधे आधारित भोजन जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, फलियां, नट और बीज युक्त चीजें शामिल होती है जो शरीर के स्वस्थ विकास और रोग के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण हैं। शाकाहारी आहार में भरपूर मात्रा में फाइबर, प्लांट प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं। यदि आप मांसाहार का सेवन करते हैं तो इसकी मात्रा को नियंत्रित रखें और रेड मीट का सेवन बहुत अधिक न करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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