गर्मियों का यह मौसम भले ही सभी लोगों के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली होती है, पर इस मौसम में मिलने वाले कई फलों का पूरे साल इंतजार रहता है। आम उन्हीं फलों में से एक है। अपने मीठे और अद्भुत स्वाद के कारण यह लोगों की पहली पसंद भी है। अध्ययनों में पाया गया है कि आम न सिर्फ स्वाद में गजब का होता है साथ ही इससे सेहत को भी कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं।
Nutrition: ऑरेंज जूस और आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग समान, डॉक्टर से जानिए डायबिटीज में आम खाना चाहिए या नहीं
आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स
डायबिटीज वाले लोग आम खा सकते हैं या नहीं इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मिले-जुले मत हैं। इस बारे में समझने के लिए हमने मुंबई स्थित वरिष्ठ एंडोक्रोनोलॉजिस्ट डॉ जाकिर आर. हुसैन से संपर्क किया। डॉ जाकिर कहते हैं, कच्चे आम ब्लड शुगर नहीं बढ़ाते हैं पर पके हुए आम से इसका खतरा हो सकता है।
हालांकि अगर ग्लाइसेमिक इंडेक्स के हिसाब से देखें तो इसे ज्यादा नुकसानदायक नहीं माना जा सकता है। आम को ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) 51-56 के बीच होता है, उतना ही जितना अमूमन संतरे के जूस का होता है।
ग्लाइसेमिक इंडेक्स वह माप है, जिससे पता लगाया जाता है कि किसी खाने की चीज में मौजूद कार्बोहाइड्रेट कितनी देर में ग्लूकोज बनता है और फिर उससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है।
कैलोरी और अन्य पोषक तत्व
आम में 90% से अधिक कैलोरी, शुगर से आती है, यही वजह है कि यह मधुमेह वाले लोगों में रक्त शर्करा को बढ़ाने का कारण बन सकता है। पर दूसरी तरफ इस फल में फाइबर और विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं, जो रक्त शर्करा प्रभाव को कम करने में भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा आम में फाइबर भी पाया जाता है और डायबिटीज रोगियों को फाइबर वाली चीजें अधिक से अधिक खाने की सलाह दी जाती है। असल में फाइबर उस दर को धीमा कर देता है जिस पर आपका शरीर रक्त प्रवाह में चीनी को अवशोषित करता है।
डायबिटीज रोगियों को आम खाना चाहिए या नहीं?
डॉ जाकिर कहते हैं, इस सवाल का जवाब हर डायबिटीज रोगी के लिए अलग-अलग हो सकता है और यह निर्भर करता है आपके ब्लड शुगर के लेवल पर। अगर आपका शुगर लेवल अक्सर बढ़ा रहता है, आपको इंसुलिन शॉट की जरूरत पड़ती है या फिर डायबिटीज के गंभीर रूप से शिकार हैं तो पके आम न खाएं। वहीं अगर शुगर कंट्रोल रहता है तो दिन में एक आम खाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
जरूर लें डॉक्टर की सलाह
आम विटामिन्स, खनिजों और फाइबर से भरपूर होते हैं और ये सभी प्रमुख पोषक तत्व है जो लगभग किसी भी आहार की पोषण गुणवत्ता को बढ़ा सकते हैं। आम से दैनिक विटामिन-सी की 65 फीसदी जरूरतों की पूर्ति भी की जा सकती है जो प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने में मदद करता है। मधुमेह रोगियों में कमजोर इम्युनिटी भी बड़ी समस्या रही है।
इन फायदों को देखते हुए आम को लाभकारी माना जा सकता है, बस दिक्कत बढ़ाती है इसमें मौजूद कैलोरी की मात्रा। यदि आप डायबिटिक हैं और आम खाना चाह रहे हैं तो बेहतर है कि आप डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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