Firecracker Noise Effect: दिवाली एक ऐसा त्योहार है, जिसमें अक्सर लोग उत्साह में खूब पटाखे जलाते हैं। इन पटाखों से निकलने वाला धुआं तो हमारे लिए नुकसानदायक होता ही है, साथ ही इसकी अत्यधिक तेज आवाज भी हमारे कानों के लिए हानिकारक होती हैं। यह तेज आवाज कभी-कभी हमारे कानों के लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। अगर तेज आवाज वाले पटाखों के तुरंत बाद आपके कान सुन्न हो गए हैं, या आपको कानों में सीटी बजने या सनसनाहट की आवाज आ रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
Diwali 2025: पटाखों की आवाज से सुन्न हो गया है कान? ये एक गलती आपको बहरा बना सकती है
दिवाली में पटाखों से बहुत से लोगों का कान सुन्न हो जाता है या सीटी की आवाज बजने लगती है। ये आमतौर पर अस्थायी समस्या होती है, लेकिन अगर कुछ सावधानियां न बरती गई हैं तो बहरेपन का जोखिम बढ़ जाता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में डॉक्टर से जानते हैं।
डॉक्टर कुशवाह के मुताबिक कान के अंदरूनी हिस्से में मौजूद संवेदनशील कोशिकाएं और कान का पर्दा बहुत नाजुक होते हैं। पटाखे की आवाज से अक्सर कान के परदे में मामूली सूजन या क्षति हो सकती है। ऐसे में, यदि आप बिना डॉक्टर की जांच के कान में तेल या कोई तरल पदार्थ डालते हैं, तो यह सीधे कान के मध्य भाग तक पहुंच सकता है।
इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अगर कान का पर्दा थोड़ा फट गया हो, तो तेल या पानी जैसी कोई भी चीज अंदर जाकर गंभीर जटिलता पैदा कर सकती है और सुनने की क्षमता हमेशा के लिए प्रभावित हो सकती है।
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कान को दें पूर्ण आराम
डॉक्टर कुशवाह ने बताया है कि अगर आपका सुन्न हुआ है या सीटी की आवाज आ रही है तो तो ज्यादा चांस है कि वो 1-2 दिनों में सामान्य हो जाएगा। इसके लिए आप पटाखों के शोर के संपर्क में आने से बचें और कानों को तुरंत पूर्ण आराम दें। शोरगुल वाली जगह से हटकर किसी शांत कमरे में चले जाएं।
अगले 12 से 24 घंटों तक हेडफोन, ईयरफोन या तेज म्यूजिक सुनने से बचें। इस दौरान कान के अंदरूनी हिस्से को खुद को सामान्य करने का समय मिलता है। कानों को जितना अधिक आराम मिलेगा, अंदरूनी कोशिकाओं के अस्थायी रूप से ठीक होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।
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बहरेपन के शुरुआती लक्षण पहचानें
डॉक्टर कुशवाह बताते हैं कि अगर कान सुन्न होने या घंटियां बजने (टिनिटस) की समस्या 24 से 48 घंटों के भीतर ठीक नहीं होती है, तो यह स्थायी क्षति का संकेत हो सकता है। इसके अलावा कुछ और भी लक्षण भी दिख सकते हैं जैसे सामान्य बातचीत सुनने में कठिनाई होना, या लोगों को अपनी बात बार-बार दोहराने के लिए कहना। इन संकेतों को नजरअंदाज न करें।
घर पर कान के आसपास हल्की ठंडी सिकाई करें ताकि बाहरी सूजन कम हो। घबराहट को कम करने के लिए तनाव जैसी स्थिति से बचें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कान में कोई भी तरल पदार्थ, दवा या तेल बिल्कुल न डालें। अगर कान में सुन्नपन या घंटियां बजने की समस्या 48 घंटों के बाद भी बनी रहे, तो बिना देर किए किसी ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करें। जल्दी इलाज शुरू करने से स्थायी बहरेपन को रोका या कम किया जा सकता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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