दीपावली उमंग और आनंद का उत्सव है। पटाखे और मिठाइयां इस त्योहार के उत्साह को काफी बढ़ा देती हैं। पर इस उमंग के बीच सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही करना भारी पड़ सकता है। विशेषकर जिन लोगों को पहले से ही हृदय रोग या न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य समस्याएं हैं उन्हें विशेष सावधानी और सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता होती है।
Diwali 2022: पटाखों का तेज धमाका कहीं बन न जाए हार्ट अटैक का कारण, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
पुणे स्थित सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्डियक सर्जरी के प्रमुख डॉ हेमंत जौहरी कहते हैं, दीपावली में प्रदूषण के कारण सांस की समस्याओं के जोखिम के बारे में अक्सर बात की जाती है, पर इससे हृदय रोगियों को होने वाली दिक्कतों पर ध्यान नहीं दिया जाता है।
जिन लोगों को दिल की बीमारी है या हाई ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं, ऐसे लोगों के लिए अधिक शोर में जाना मुश्किलों का सबब हो सकता है। पटाखों की अचानक होने वाली तेज आवाज रक्तचाप और हृदय गति को बढ़ा सकती है। इसके कारण कई प्रकार की हृदय से संबंधित जटिलताओं का जोखिम रहता है।
न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का भी बढ़ जाता है जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अचानक होने वाला शोर कई तरह के न्यूरोलॉजिकल विकारों को भी ट्रिगर कर सकता है। 'स्टार्टल सिंड्रोम' जैसी समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए यह और भी गंभीर माना जाता है। यह मिर्गी के दौरे को भी ट्रिगर कर सकता है। जिन लोगों को पहले से ही इस तरह की समस्याओं का जोखिम बना रहता है, उन्हें दीपावली में बाहर जाने या अधिक शोरगुल वाले माहौल से बचना चाहिए।
सावधानी बरतते रहना आवश्यक
डॉक्टर्स कहते हैं, जिन लोगों को पहले से ही हृदय-न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हैं, उन्हें पटाखों के शोर से बचाव करते रहना आवश्यक होता है। कोशिश करें कि शाम के समय घर के भीतर ही रहें। बंद कमरे में रहने से शोर और प्रदूषण दोनों से बचाव किया जा सकता है।
- हृदय की दवाएं नियमित रूप से समय पर लें। सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।
- ध्वनिरहित पटाखों को बढ़ावा दें। बच्चे और पहले से दिल की बीमारी वाले लोग तेज आवाज के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, इन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
- ध्वनि और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए अपने दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
- बहुत तेज आवाज करने वाले पटाखों से दूर रहें।
- हृदय रोगी खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतें। लो-फैट, लो-शुगर और लो सोडियम वाली चीजों का ही सेवन करें।
- पटाखों की तेज आवाज से बचने के लिए इयरप्लग पहनें और रात को अच्छी नींद लें।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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