दीपावली का त्योहार उत्सव और आनंद का होता है। चारों तरफ जगमगाती रोशनी जीवन में सकारात्मकता का संचार करती है, त्योहार की मिठाइयां जीवन में नए रस घोलती हैं। पर इस आनंद के बीच सेहत को लेकर भी सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। खान-पान में गड़बड़ी जहां डायबिटीज के रोगियों के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है, वहीं पटाखों को जलाने से होने वाले प्रदूषण के कारण फेफड़ों-सांस से संबंधित समस्याओं का जोखिम रहता है। इन सबके बीच गर्भवती को भी विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
Diwali 2022: गर्भावस्था में दिवाली मनाते समय बरतें विशेष सावधानी, थोड़ी सी चूक बढ़ा सकती है आपकी दिक्कतें
प्रदूषण और शोर से करें बचाव
दीपावली रोशनी और उत्साह का त्योहार है। हालांकि, इस दौरान जलाए जाने वाले पटाखों का धुआं आपकी सेहत के लिए चुनौतियां बढ़ा सकता है। पटाखों के धुंए के साथ इसकी तेज आवाज भी गर्भवती और शिशु की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। पटाखों के प्रदूषण से बचें, खुद पटाखों को न जलाएं, न ही इसके धुंए के सीधे संपर्क में आएं। यह सांस की समस्याओं का कारण बन सकता है, जिसका असर बच्चे की सेहत को लिए भी हानिकारक माना जाता है।
मिठाइयों का अधिक सेवन नुकसानदायक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज का जोखिम भी अधिक होता है। गर्भकालीन मधुमेह न सिर्फ आपकी स्वास्थ्य जटिलताओं को बढ़ा सकता है साथ ही यह प्रीटर्म बर्थ यानी कि समय से पहले बच्चे के जन्म का भी कारण हो सकता है। यही कारण है कि गर्भावस्था के दौरान सभी को आहार का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। दीपावली में ज्यादा मिठाइयां या तली-भुनी चीजों को खाने से बचें, इससे डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है।
किसी भी प्रकार के चोट या जलने से बचें
गर्भवती को पटाखे न जलाने की सलाह दी जाती है। इस अवस्था में चूंकि तेजी से खुद का बचाव कर पाना कठिन होता है ऐसे में पटाखों से आपको चोट या जलने का खतरा हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान शरीर कमजोर और अतिसंवेदनशील होता है ऐसे में किसी भी प्रकार की चोट का असर भ्रूण को भी नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अतिरिक्त सावधानी बरतें और घर के भीतर रहकर ही त्योहार का आनंद लें।
शरीर को पूरा आराम और अच्छी नींद दें
त्योहारों को दौरान साफ-सफाई और भागा-दौड़ी में शरीर के आराम से कोई समझौता न करें, इसके अलावा रात में पर्याप्त नींद प्राप्त करना भी आपके लिए बहुत आवश्यक है। नींद पूरी न होने से शारीरिक और मानसिक रूप से कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताओं का जोखिम होता है, जिससे भ्रूण की सेहत पर भी असर हो सकता है। इस तरह की किसी भी दिक्कत से बचे रहने के लिए शरीर को पूरा आराम देने के साथ रात में अच्छी नींद लेना जरूर सुनिश्चित करें।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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