दीपावली के त्योहार को आतिशबाजी और उत्सव का पर्व माना जाता है। मिठाइयों और पटाखों के बिना दिवाली सूनी-सूनी लगती है। पर कहीं इस दौरान बरती गई लापरवाही आपके लिए भारी न पड़ जाए? वैसे तो खतरनाक पटाखों के बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है, हालांकि विशेषज्ञ बताते हैं कि पटाखे कैसे भी हों, इनसे सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पटाखों को लेकर बरती गई जरा सी भी लापरवाही के कारण शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंच सकता है, इन बातों के ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
Diwali 2021: इन अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं पटाखे, जानिए कैसे मनाएं सुरक्षित दीपावली?
हाथों-पैरों का रखें विशेष ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पटाखे जलाते समय हाथों-पैरों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पटाखों की आग से इन अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। यदि पटाखे जलाते समय किसी के हाथ या पैरों में जख्म हो जाए या जल जाएं तो तुरंत उसपर एंटीसेप्टिक लगाएं और डॉक्टर के पास लेकर जाएं। पटाखों को हमेशा दूर से ही पूरी सावधानी बरतते हुए जलाना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक पटाखों से होने वाली आतिशबाज़ी की आवाज़ काफी तेज़ होती है। कुछ पटाखे इतनी तेज आवाज करते हैं कि उनकी ध्वनि 140 डेसिबल से ऊपर जा सकती है। मनुष्यों के लिए मानक डेसिबल स्तर 60 डेसिबल है ऐसे में 140 डेसिबल की आवाज से कानों को नुकसान पहुंच सकता है, इस बात का खास ख्याल रखें।
आंखों के लिए नुकसानदायक
पटाखों से निकलने वाले धुएं और इससे होने वाली तेज रोशनी से आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। पटाखों से निकलने वाले जहरीले धुएं का आंखों से संपर्क होना गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके अलावा पटाखों को छूने के बाद उसी हाथ से आंखों को बिल्कुल भी न छुएं, इसके रसायन और कण आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पटाखों से निकलने वाले धुंए से वातावरण प्रदूषित हो जाता है, ऐसा वातावरण सांस के रोगियों, विशेषकर अस्थमा और फेफड़ों की समस्या से ग्रसित लोगों के लिए विशेष नुकसानदायक हो सकता है। जिन लोगों को सांस की समस्या है उन्हें दीपावली में घरों से अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। बाहर निकलते समय अच्छी तरह से मास्क लगाना सुनिश्चित करें।
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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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