शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए रोजाना कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर चीजों के सेवन की आवश्यकता होती है। पोटैशियम भी ऐसा ही एक अति आवश्यक मैक्रोमिनरल है। किडनी, हृदय से लेकर हड्डियों और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने के साथ इनके कार्यों को आसान बनाने में पोटैशियम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आहार के माध्यम से इस पोषक तत्व की दैनिक आवश्यकताओं की आसानी से पूर्ति की जा सकती है।
Health Tips: पोटैशियम की कमी से किडनी और हड्डियों की बढ़ सकती है परेशानी, जानिए कैसे करें इसकी पूर्ति
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पाचन से संबंधित दिक्कत
शरीर में पोटैशियम का स्तर कम होना पाचन तंत्र की समस्याओं को बढ़ा सकता है। पोटैशियम की कमी के कारण पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है जिससे भोजन का सही पाचन नहीं हो पाता। इस स्थिति में पेट फूलने और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हाइपोकैलिमिया की स्थिति में पाचन से संबधित समस्याओं को काफी सामान्य माना जाता है। यह दीर्घकालिक समस्याओं को भी बढ़ा सकती है।
मांसपेशियों से संबंधित समस्याएं
मांसपेशियों को स्वस्थ बनाए रखने में भी पोटैशियम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पोटैशियम, मस्तिष्क से मांसपेशियों तक संदेश भेजने और मांसपेशियों के संकुचन को नियंत्रित करने का काम करता है। पोटैशियम की कमी की स्थिति में आंतों की समस्या बढ़ने का भी खतरा हो सकता है। इस स्थिति में आंतों के लिए अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना कठिन हो जाता है। इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए पोटैशियम का सेवन अवश्य करें।
ब्लड प्रेशर की समस्या
शरीर में पोटैशियम की कमी, रक्तचाप में वृद्धि का कारण बन सकती है। रक्त वाहिकाओं को आराम देने में पोटेशियम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, ऐसे में इसकी कमी से वाहिकाओं को क्षति पहुंचने का खतरा हो सकता है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है उन्हें डॉक्टर सोडियम का सेवन कम करके पोटैशियम की मात्रा को बढ़ाने की सलाह देते हैं। हाई ब्लड प्रेशर की लंबे समय तक बनी रहने वाली समस्या हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकती है।
पोटैशियम की पूर्ति कैसे करें?
पोटैशियम की दैनिक आवश्यकताओं की पू्र्ति के लिए स्वस्थ और संतुलित आहार पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। आहार में कई प्रकार के विटामिन्स और खनिजों से युक्त चीजों को अधिक से अधिक शामिल करें। किशमिश और खुबानी जैसे सूखे मेवे, बीन्स, दाल, आलू , पालक, ब्रोकली, एवोकाडो और केला जैसे फलों को पोटैशियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। आहार में इन चीजों को जरूर शामिल करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।