देशभर में इन दिनों गर्मियों का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पारा लगातार 40 के पार बना हुआ है। गर्मियों में न सिर्फ अधिक तापमान के कारण लोगों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं साथ ही शरीर पर बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ने लगता है।
Diarrhea In Summer: गर्मियों में क्यों बढ़ जाता है डायरिया का खतरा, जानिए तुरंत क्या करें और कैसे करें बचाव
Garmi Me Diarrhea Kyu Hota Hai: डायरिया का सबसे बड़ा कारण संक्रमित खाना और पानी माना जाता है। गर्मी में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से बढ़ते हैं, जिससे सड़क किनारे मिलने वाले कटे फल, खुला या बासी भोजन और अस्वच्छ पानी संक्रमण फैला सकता है। कहीं आप भी तो इसका शिकार नहीं हो गए हैं?
पहले जान लीजिए क्या होता है डायरिया?
डायरिया को दस्त भी कहा जाता है, दूषित खाना और पानी के कारण डायरिया की दिक्कत होती है।
- सड़क किनारे, खुले में मिलने वाले कटे फल, खुला या बासी भोजन और अस्वच्छ पानी संक्रमण फैला सकता है।
- कई बार लोग एसी और तेज गर्मी के बीच लगातार बदलाव के कारण भी पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करते हैं।
- डायरिया की स्थिति में दस्त के साथ-साथ पेट में ऐंठन, उल्टी, बुखार, कमजोरी और शरीर में पानी भी हो सकती है।
- डायरिया पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इसके कारण शरीर में पानी की गंभीर कमी होने का भी खतरा हो सकता है।
गर्मियों में क्यों बढ़ जाते हैं डायरिया के मामले?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मियों में तापमान बढ़ने के साथ बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट्स तेजी से पनपते हैं।
- गर्म वातावरण में खाद्य पदार्थ जल्दी खराब होते हैं, जिससे भोजन जल्दी संक्रमित हो जाता है। यही वजह है कि इस मौसम में डायरिया के केस अधिक देखने को मिलते हैं।
- खुले में रखना भोजन, दूषित बर्फ, कटे फल और कई घंटों तक रखा बासी खाना बैक्टीरिया से संक्रमित हो सकता है।
- ई-कोलाई, साल्मोनेला और रोटावायरस जैसे संक्रमण डायरिया के आम कारण माने जाते हैं।
बच्चों में डायरिया होने का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि उनका शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है।
डायरिया की पहचान कैसे करें?
डायरिया में बार-बार पतले दस्त होना सबसे आम है। डॉक्टरों के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को दिन में तीन या उससे अधिक बार पानी जैसे दस्त हो रहे हैं, तो इसे डायरिया माना जाता है।
- दस्त के साथ कई अन्य संकेत भी दिखाई दे सकते हैं। उनपर भी ध्यान देना जरूरी है।
- दस्त के साथ पेट में मरोड़ या ऐंठन की समस्या होती है।
- कई लोगों को उल्टी, मतली और भूख कम लगने की समस्या भी होती है।
- संक्रमण बढ़ने पर हल्का बुखार भी आ सकता है।
- लगातार दस्त होने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिसके कारण मुंह सूखने, अत्यधिक प्यास लगने, चक्कर आने और कमजोरी की भी दिक्कत होती है।
गर्मियों में डायरिया होने पर तुरंत क्या करें?
डायरिया होने पर सबसे पहले पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करना सबसे जरूरी है।
- डॉक्टर ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन यानी ओआरएस को डायरिया में सबसे प्रभावी मानते हैं।
- ओआरएस शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
- बार-बार थोड़ी मात्रा में पानी पीना चाहिए। नारियल पानी, नींबू पानी और सादा तरल पदार्थ भी फायदेमंद माने जाते हैं।
- दस्त में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना बेहतर माना जाता है।
डायरिया से बचाव के लिए साफ-सफाई रखें। हाथ धोने की आदत डायरिया के मामलों को काफी हद तक कम कर सकती है। खाने से पहले और टॉयलेट के बाद साबुन से हाथ धोना जरूरी है। गर्मियों में हमेशा साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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