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Diabetic Retinopathy: हर चौथे डायबिटीज रोगी में हो सकती है ये दिक्कत, जानिए इसके लक्षण-खतरे के बारे में सबकुछ

Thu, 06 Jul 2023 04:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 06 Jul 2023 04:00 PM IST
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डायबिटीज के कारण होने वाली समस्या - फोटो : Pixabay

डायबिटीज को सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने, घावों के जल्दी ठीक न होने की समस्या मानने की भूल न करें, इसके कई प्रकार के और भी गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आपका भी ब्लड शुगर लेवल अक्सर बढ़ा हुआ रहता है, तो यह गंभीर संकेत है जो आपमें दृष्टि से संबंधित समस्याओं को बढ़ाने वाली भी हो सकती है। इस समस्या को डायबिटिक रेटिनोपैथी के रूप में जाना जाता है।



एक अनुमान के मुताबिक हर चार में से एक डायबिटीज रोगी को ये दिक्कत हो सकती है, जो सीधे तौर पर उसके क्वालिटी ऑफ लाइफ के लिए समस्या बढ़ाने वाली मानी जाती है।

डायबिटीज रेटिनोपैथी की समस्या  मधुमेह वाले लोगों में दृष्टि हानि और गंभीर स्थितियों में अंधेपन तक का कारण भी बन सकती है। यह रेटिना (आपकी आंख के पीछे ऊतक) में रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाली समस्या है। यदि आपको मधुमेह है, तो साल में कम से कम एक बार आंखों की जांच कराना बहुत आवश्यक हो जाता है जिससे इस समस्या का समय रहते निदान किया जा सके।

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डायबिटीज रेटिनोपैथी के बारे में जानिए - फोटो : iStock

डायबिटीज रेटिनोपैथी के बारे में जानिए

डायबिटीज में होने वाली आंखों की समस्या टाइप-1 या टाइप-2 दोनों प्रकार के लोगों में हो सकती है। आपका ब्लड शुगर लेवल जितना नियंत्रित रहेगा, आंखों में होने वाली इस जटिलता के विकसित होने की आशंका उतनी कम होगी। जब आपका ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित रूप से बढ़ता है तो इससे रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इससे रक्त वाहिकाएं सूज जाती हैं और उनमें रिसाव हो सकता है।

कुछ स्थितियों में इससे आंखों में रक्त का संचार भी प्रभावित हो सकता हैं, जिसके चलते आपको कम दिखाई देने लगता है और यह समस्या समय के साथ बढ़ती जाती है।

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डायबिटीज के कारण आंखों की परेशानियां - फोटो : iStock

डायबिटीज रेटिनोपैथी के क्या कारण हैं?

ब्लड शुगर बढ़ना, डायबिटीज में होने वाली आंखों की समस्याओं का प्रमुख जोखिम कारक है। हाई ब्लड शुगर की समस्या, छोटी रक्त वाहिकाओं में रुकावट पैदा कर सकती है। परिणामस्वरूप आंखें नई रक्त वाहिकाएं विकसित करने का प्रयास करती है, लेकिन ये नई रक्त वाहिकाएं ठीक से विकसित नहीं होती हैं और आसानी से लीक हो सकती हैं।

जिस किसी को भी मधुमेह है उसे डायबिटीज रेटिनोपैथी की समस्या हो सकती है। लंबे समय से मधुमेह रहने, हाई ब्लड प्रेशर या हाई शुगर लेवल और धूम्रपान के कारण इस विकार का जोखिम बढ़ जाता है। 

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मधुमेह रोगियों में आंखों की बीमारियां - फोटो : iStock

डायबिटीज रेटिनोपैथी के कैसे होते हैं लक्षण

डायबिटिक रेटिनोपैथी के शुरुआती चरण में कई लोगों में लक्षण नजर नहीं आते हैं।  हालांकि जैसे-जैसे समस्या बढ़ती है आपकी दिक्कतें भी बढ़ जाती हैं। रोगियों को धुंधली या अस्थिर दृष्टि की समस्या के साथ, कम दिखाई देने, चक्कर आने-सिरदर्द की समस्या होती रह सकती है। इस बीमारी की समय पर जांच और इलाज बहुत आवश्यक है।

मधुमेह रोगियों को इससे बचाव के उपाय करते रहना चाहिए।

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आंखों का रखें खास ख्याल - फोटो : Pixabay

कैसे करें बचाव?

डायबिटीज में होने वाली आंखों की समस्या से बचाव के लिए नियमित रूप से आंखों की जांच कराना, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना बहुत आवश्यक है। स्वस्थ भोजन और शारीरिक गतिविधियां आपकी जटिलताओं को कम करने में मदद कर सकती हैं। सप्ताह कम से कम 150 मिनट की मध्यम एरोबिक व्यायाम जैसे वॉकिंग-रनिंग, साइकिलिंग जरूर करें। 

अपने ब्लड शुगर के स्तर की समय-समय पर जांच करते रहें।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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