Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
डायबिटीज एक वैश्विक समस्या बन चुकी है। अब न सिर्फ बुजुर्ग, बल्कि युवा वर्ग के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, पूरे विश्व में साल 1980 में मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या 108 मिलियन यानी 10.8 करोड़ थी, जो बढ़कर साल 2014 में 422 मिलियन यानी 42.2 करोड़ हो गई। साल 2019 में सीधे तौर पर डायबिटीज के कारण लगभग 15 लाख लोगों की मौत हुई है। अब आप समझ सकते हैं कि यह कितनी गंभीर बीमारी है। विशेषज्ञ कहते हैं कि डायबिटीज अंधापन, किडनी फेल होना, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का एक प्रमुख कारण है। इसलिए इस बीमारी को हल्के में तो बिल्कुल भी नहीं लेना चाहिए और इसके लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए। वैसे तो इसके कई सारे लक्षण हैं, लेकिन मुंह में एक अजीब तरह का स्वाद विकसित होना भी डायबिटीज का लक्षण हो सकता है, जिसपर ध्यान देने की जरूरत है।
सावधान: कहीं आपके भी मुंह में तो नहीं आ रहा अजीब तरह का स्वाद, हो सकता है डायबिटीज का लक्षण
विशेषज्ञ कहते हैं कि मुंह में अगर अजीब तरह का स्वाद आए, तो सतर्क हो जाना चाहिए, क्योंकि यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। इस तरह के स्वाद को 'टेस्ट मेटालिक' के रूप में जाना जाता है। दरअसल, यह एक टेस्ट डिसऑर्डर होता है, जिसमें व्यक्ति के मुंह में अगर कुछ ना भी हो, तो भी धातु का स्वाद महसूस होता है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि ब्लड में अगर शुगर का लेवल उच्च हो जाता है, तो धीरे-धीरे यह तंत्रिका तंत्र को खराब करने लगता है और बाद में यह मुंह के स्वाद को भी प्रभावित करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पैरागेसिया एक टेस्ट डिसऑर्डर है, जो डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को हो सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मुंह में धातु का स्वाद विकसित होना सिर्फ डायबिटीज का ही संकेत नहीं बल्कि यह समस्या अपच, सर्दी या साइनस संक्रमण के कारण भी हो सकती है। इसके अलावा मसूड़े की बीमारी भी इसका एक कारण हो सकती है। ऐसी स्थिति में आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डायबिटीज के अन्य लक्षण
- बार-बार पेशाब आना
- तेज प्यास और भूख लगना
- वजन बढ़ना या अचानक से कम होना
- थकान
- घाव का जल्दी न भरना
- हाथ पैर में गुदगुदी या सुन्न होना
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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