डायबिटीज दुनियाभर में तेजी से बढ़ने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे बेहद खतरनाक बीमारियों का श्रेणी में रखते हैं क्योंकि यह कई तरह की अन्य बीमारियों के खतरे को बढ़ा देती है। आमतौर पर जीवनशैली और आहार की गड़बड़ी को डायबिटीज का मुख्य कारण माना जाता रहा है, इसके अलावा जिन लोगों के परिवार में पहले से ही यह बीमारी है, उनमें भी इसका खतरा अधिक पाया जाता है।
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डायबिटिक न्यूरोपैथी क्या है
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटिक न्यूरोपैथी तंत्रिकाओं के क्षति का एक रूप है जो आमतौर पर पैरों और इसकी उंगलियों को प्रभावित करता है। मायो क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार, यह लगभग 50 प्रतिशत मधुमेह रोगियों में देखा जाता है। डायबिटिक न्यूरोपैथी के गंभीर लक्षणों को मोनोन्यूरोपैथी कहा जाता है। मोनोन्यूरोपैथी हाथों में झुनझुनी और सुन्नता का कारण बन सकती है। इसके अलावा हाथों की उंगलियों को भी यह प्रभावित कर सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हाथों के सुन्न होने के अलावा, इस स्थिति में कई अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं जिनके बारे में लोगों को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है।
- हाथों में कमजोरी
- चेहरे के एक तरफ लकवा
- आंख के पीछे दर्द
- दोहरी दृष्टि
- फोकस बनाने की समस्या
डायबिटीज के लक्षणों को लेकर रहें सावधान
इंग्लैंड स्थित नेशनल हेल्थ सर्विस के विशेषज्ञों के अनुसार मधुमेह को लेकर सभी लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है। जिन लोगों में पहले से ही इसका खतरा अधिक है उन्हें डायबिटीज के सभी लक्षणों को लेकर सतर्क रहना चाहिए। यदि आपको कुछ समय से वजन घटाने, अधिक भूख-प्यास लगने, घावों के आसानी से न भरने, धुंधली दृष्टि, जननांग के आसपास खुजली, अधिक थकान या रात में बार-बार पेशाब आने जैसी दिक्कतें हो रही हैं तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
डायबिटीज को कैसे कंट्रोल करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अपने जोखिक कारकों को समझते हुए सभी लोगों को लगातार डायबिटीज से बचाव के उपाय करते रहने चाहिए। इसके लिए स्वस्थ आहार के सेवन के साथ शरीर की सक्रियता पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। धूम्रपान और शराब जैसी आदतें जटिलताओं को बढ़ा सकती हैं, इनसे दूरी बनाकर रखना चाहिए। डायबिटीज वाले रोगियों को हमेशा लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों का ही सेवन करना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
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