डॉ. प्रिया पाण्डेय
डिग्री- बीएससी (ह्यूमन न्यूट्रीशियन)
अनुभव - आठ वर्ष
Medically Reviewed by Dr. Priya pandey
दुनियाभर में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1980 में डायबिटीज के मरीजों की संख्या 10 करोड़ 80 लाख के आसपास थी, जबकि लाव 2014 में यह आंकड़ा बढ़कर 42 करोड़ से अधिक हो गया। साल 2000 और 2016 के बीच मधुमेह की वजह से समयपूर्व मृत्यु दर में पांच फीसदी की वृद्धि हुई है। इसलिए यह जरूरी है कि अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो अपने शुगर लेवल को नियंत्रण में रखें और ऐसी चीजों का सेवन करें, जिससे शुगर लेवल को नियंत्रण में रखा जा सके। आइए जानते हैं उन पांच चीजों के बारे में, जिनका सेवन अगर आप जाने-अनजाने में कर रहे हैं, लेकिन वो शुगर लेवल को बढ़ाते हैं।
संभल जाएं डायबिटीज के मरीज: भूलकर भी न करें इन सात चीजों का सेवन, बढ़ा सकते हैं शुगर लेवल
आलू और शकरकंद
- डायबिटीज के मरीजों को आलू और शकरकंद का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनके सेवन से ब्लड शुगर लेवल यानी रक्त शर्करा का स्तर तेजी से बढ़ता है और यह आपके लिए घातक साबित हो सकता है।
फलों का जूस
- डायबिटीज के मरीजों को फलों का जूस जैसे केला, आम, चीकू, शरीफा, फ्रूट जूस, फ्रूट मिल्क शेक आदि का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। अगर आप इनका सेवन करते हैं, तो आपका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है।
आइसक्रीम, केक, चॉकलेट
- डायबिटीज में आइसक्रीम, केक और चॉकलेट जैसी चीजों का सेवन को भूलकर भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये तेजी से ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाते हैं। इसके अलावा पेस्ट्री और क्रीम बिस्किट जैसी चीजों का सेवन भी डायबिटीज के मरीजों को नहीं करना चाहिए।
तले हुए खाद्य पदार्थ
- नमकीन, पकौड़े और कचौड़ी जैसे तले हुए खाद्य पदार्थ डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। दरअसल, तले हुए पदार्थों में हाई कार्बोहाइड्रेट होते हैं। इसके अलावा इन चीजों को बनाने में जिस रिफाइंड तेल का उपयोग किया जाता है, वह भी डायबिटीज के लिए हानिकारक होता है। इसलिए डायबिटीज के मरीज सोच-समझ कर और डॉक्टर की सलाह लेकर ही किसी भी चीज का सेवन करें।
नोट: यह लेख दिल्ली की डॉ. प्रिया पाण्डेय से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर प्रिया को 8 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से ह्यूमन न्यूट्रीशियन में स्नातक किया हुआ है। वह आभा सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में आहार विशेषज्ञ के तौर पर कार्यरत हैं। डॉ प्रिया कई संस्थानों में बतौर लेक्चरर ह्यूमन न्यूट्रीशियन के छात्रों को पढ़ाती भी हैं।
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