डायबिटीज शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुँचाता है। अधिकतर लोगों को पता है कि डायबिटीज से आँख, नस, किडनी, हृदय और शरीर के अन्य जरूरी सिस्टम बुरी तरह प्रभावित होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज आपकी ओरल हेल्थ को भी बुरी तरह नुकसान पहुँचाता है? डायबिटीज की समस्या से पीड़ित लोग मसूड़ों की बीमारी के ज्यादा शिकार होते हैं। मसूड़ों का रोग बेहद दर्दनाक हो सकता है और साँस में खराबी का कारण बन सकता है। इससे दाँत भी खराब हो सकते हैं। अगली स्लाइड्स से जयपुर के इटरनल हॉस्पिटल एचसीसी के डॉ दीपक गुप्ता से जानिए डॉयबिटीज का ओरल हेल्थ पर प्रभाव।
डायबिटीज का मुंह की सेहत पर पड़ता है बुरा असर, इन तरीकों से मसूड़ों को रखें स्वस्थ
मुँह सूखने और फंगल इंफेक्शन की समस्या हो सकती है
डायबिटीज के कारण मुँह की अन्य समस्याएं, जैसे कि ड्राइ माउथ (मुंह सूखना) और फफूंद का संक्रमण (फंगल इंफेक्शन) हो सकता है, जिसे छाला कहा जाता है। इन छालों से मुँह के भीतर सफ़ेद चकत्ते बन जाते है, जो पीड़ादायक होते हैं। मुँह तब सूखता है, जब मुँह को गीला रखने के लिए पर्याप्त लार नहीं होती है। मुँह सूखा रहने की वजह से बेचैनी, अल्सर, संक्रमण और दांतों में खराबी हो सकती हैं। धूमपान इन समस्याओं को ज्यादा गंभीर बना सकता है। इसके अलावा डायबिटीज के कारण लार में शुगर लेवल बढ़ सकता है, जो छाला पैदा कर सकता है।
कैसे पता करें कि आपका मुँह डायबिटीज से प्रभावित है?
यदि आपको डायबिटीज है, तो किसी भी समस्या के लिए नियमित रूप से अपना मुंह चेक करें। डायबिटीज से पीड़ित लोग अक्सर यह देखते हैं कि उनके मसूड़े ब्रश करते समय सूज जाते हैं और उनसे खून बहने लगता है। अगर आपका मुँह डायबिटीज से प्रभावित है, तो मुंह में सूखापन, खराश, सफ़ेद चकत्ते या खराब स्वाद जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे व्यक्तियों को तुरंत दंत चिकित्सक से मिलने की आवश्यकता होती है।
डायबिटीज में मुँह की समस्याओं का इलाज
इसका इलाज समस्या के प्रकार पर निर्भर करता है। मसूड़े के रोगों के लिए दंत चिकित्सक से इलाज कराना चाहिए, जो आप के दांतों की गहराई से सफाई कर सकते हैं या मसूड़ों की सर्जरी के लिए आपको पेरियोडॉन्टिस्ट के पास भेज सकते हैं। दंत चिकित्सक एक विशेष माउथ रिंस की सलाह दे सकते हैं। छाले के लक्षणों का इलाज करने के लिए डेंटिस्ट या डॉक्टर फंगस को खत्म करने के लिए दवा लिख सकते हैं। इस फंगस की वजह से ही छाले की परेशानी होती है।
मुंह की समस्याओं की निगरानी और रोकथाम के लिए ब्लड शुगर का सही नियंत्रण जरूरी है। खराब ब्लड ग्लूकोस नियंत्रण वाले लोगों को मसूड़ों की गंभीर बीमारी होने का खतरा अधिक रहता है। जिन लोगों की डायबिटीज कंट्रोल रहती है, वे इन बीमारियों से बच सकते हैं। अगर आपको डायबिटीज है, तो इन बातों का ध्यान रखें :
-अपने ब्लड ग्लूकोस को कंट्रोल करें।
-दिन में दो बार ब्रश करें और बार-बार फ्लॉस करें।
-चेक-अप के लिए अपने दंत चिकित्सक के पास जाएं। वहां चिकित्सक को डायबिटीज के बारे में बताना न भूलें।
-अपने दंत चिकित्सक को बताएं कि क्या आपके डेन्चर (कृत्रिम दंतावली) उचित रूप से फिट नहीं होते या मसूड़ों में दर्द होता है।
-धूमपान छोड़ दें। धूमपान से मसूड़ों की बीमारी गंभीर हो सकती है।