देश के कई राज्यों में मच्छर जनित रोग डेंगू के मामले काफी तेजी से बढ़े रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र में इसका जोखिम अधिक देखा जा रहा है। इस साल जुलाई तक ही यहां डेंगू के मामले रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार साल के पहले सात महीनों में राज्य में डेंगू के केस में 83 फीसदी तक का उछाल दर्ज किया गया है।
Dengue In India: जुलाई में ही पीक पर पहुंच गए डेंगू के मामले? इन राज्यों में तेजी से बढ़ते आंकड़ों ने डराया
जुलाई में ही पीक पर पहुंचे मामले?
डॉक्टर कहते हैं, हर साल देश में सितंबर-अक्तूबर के आसपास डेंगू के मामले पीक पर होते हैं। पर इस बार समय से पहले बारिश और बाढ़ की स्थिति ने डेंगू के खतरे को काफी बढ़ा दिया है।
पिछले हफ्ते केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा बुलाई गई एक वर्चुअल बैठक में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने कहा कि वैसे तो डेंगू के मामले आमतौर पर अक्टूबर में चरम पर होते हैं, लेकिन इस साल 31 जुलाई तक के रुझानों से पता चलता है कि मामलों की संख्या पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग काफी अधिक है। जोखिमों को देखते हुए सभी लोगों को सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
क्यों इतनी तेजी से बढ़ रहा है डेंगू का संक्रमण?
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा डेंगू की संख्या में वृद्धि के दो कारण हैं। सबसे पहले, हम पिछले वर्षों की तुलना में इस साल दोगुनी संख्या में परीक्षण कर रहे हैं। दूसरा इस बार मानसून जल्दी आ गया और कई चरणों में बारिश हो रही है। इस तरह की बारिश के पैटर्न मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनाते हैं।
मृतकों की संख्या में कमी
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा, पिछले कई वर्षों में डेंगू के केस जरूर बढ़े हैं पर इस रोग से मरने वालों की संख्या में अब काफी कमी है। डेंगू के मामले में मृत्यु दर 1996 में 3.3% से घटकर 2023 में 0.17% हो गई है। 2022 में भारत में 2.3 लाख डेंगू के मामले और 303 मौतें हुईं वहीं 2023 में यह संख्या बढ़कर 2.9 लाख मामले और 485 मौतें थी।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बचाव करते रहने की सलाह
डेंगू के खतरे से बचाव को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बरसात के दिनों में गमलों, टायरों, टूटे बर्तनों या झुग्गियों के ऊपर प्लास्टिक की चादरों के नीचे पानी जमा हो जाता है। ये सभी मच्छरों के प्रजनन के लिए आदर्श स्थान होते हैं। पोखरों में जमा पानी और बंद नालियां भी डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के लिए प्रजनन का उपयुक्त स्थल बन जाती हैं। पानी को जमा होने से रोकने के उपाय करके डेंगू के खतरे को काफी हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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