मच्छर जनित रोग डेंगू के मामले देश के कई हिस्सों में तेजी से बढ़ रहे हैं। कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों में डेंगू के कारण अस्पतालों में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। हालिया जानकारियों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में भी डेंगू की रफ्तार बढ़ रही है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक जनवरी से 10 सितंबर तक दिल्ली में डेंगू के कुल 675 मामले दर्ज किए गए हैं। डेंगू के कारण दो मौतें भी हुई हैं। लोक नायक अस्पताल में 54 वर्षीय एक मरीज की और सफदरजंग अस्पताल में भी एक रोगी की मौत हुई है। शहर के कई अस्पतालों में वेक्टर जनित बीमारी के रोगियों की संख्या भी अब अधिक हो गई है।
Dengue: दिल्ली-एनसीआर में पैर पसार रहा है डेंगू, अस्पतालों में बढ़े मरीज; जानिए आप कैसे रहें सुरक्षित
मलेरिया और चिकनगुनिया का भी खतरा
डॉक्टरों ने बताया, इन दिनों डेंगू के साथ-साथ मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीजों का भी निदान किया जा रहा है। हल्के स्ट्रेन के कारण संक्रमण की गंभीरता फिलहाल कम है, लेकिन इस मानसून सीजन में हुई अत्यधिक बारिश को देखते हुए मामले बढ़ सकते हैं।
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली-एनसीआर में जनवरी से 10 सितंबर तक मलेरिया के 260 और चिकनगुनिया के 32 मामले भी दर्ज किए गए हैं। चूंकि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया ये सभी मच्छरों के काटने से होने वाले रोग हैं और सभी के शुरुआती लक्षण भी समान होते हैं इसलिए इनमें अंतर कर पाना भी प्रारंभिक समय में कठिन होता है।
बढ़ रहे हैं डेंगू के मरीज
राजधानी दिल्ली स्थित एक निजी अस्पताल में जनरल फिजिशियन डॉ अरविंद कुमार बताते हैं, ओपीडी में रोजाना 15-20 मरीजों में डेंगू के निदान किया जा रहा है। इसके अलावा इन दिनों में टाइफाइड के कारण भी अस्पतालों में भर्ती रोगियों की संख्या बढ़ी है। इन सभी बीमारियों के कारण शुरुआत में तेज बुखार और पेट की दिक्कतें हो सकती हैं। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए ये बीमारियां गंभीर हो सकती है।
भारी बारिश ने बढ़ा दिया खतरा
डॉ अरविंद कहते हैं, लंबे समय तक मानसून रहने के कारण डेंगू का खतरा इस बार अक्तूबर-नवंबर तक जारी रहने की आशंका है। सितंबर-अक्तूबर का महीना हर बार चुनौतीपूर्ण रहता है, इस बार हम और भी अलर्ट हैं। कई जगहों पर बारिश के कारण जलजमाव की घटनाएं सामने आती रही हैं। डेंगू के मच्छर साफ स्थिर पानी में पनपते हैं।
इस बार सितंबर के अंत तक बारिश होते रहने के आसर हैं, ऐसे में हम मान कर चल रहे हैं कि डेंगू का सीजन आगे खिंच सकता है। अब तक राहत की बात ये है कि गंभीर मामले कम देखे गए हैं और डेंगू की पॉजिटिव रिपोर्ट वाले मरीज भी आसानी से ठीक हो गए हैं।
मच्छरों के काटने से बचाव जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू-चिकनगुनिया हो या मलेरिया, इन सभी से बचाव को लेकर लगातार अलर्ट रहने की आवश्यकता है। इसके लिए मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनना, मच्छर भगाने वाली दवाओं का इस्तेमाल करना और यह सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि घरों और समुदायों के आस-पास पानी जमा न हो। अगर पानी की निकासी नहीं हो सकती है, तो एक चम्मच तेल डालने से लार्वा को पनपने से रोकने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा पानी और सीवेज के दूषित होने की वजह से टाइफाइड बुखार होने का खतरा बढ़ जाता है, इसको लेकर भी सावधानी बरतते रहना जरूरी है।
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