देश के ज्यादातर हिस्से इन दिनों घने धुंध और वायु प्रदूषण की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। राजधानी दिल्ली से लेकर हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश तक प्रदूषण का असर देखा जा रहा है। दीपावली के बाद पटाखों के कारण वातावरण में बढ़े प्रदूषण के साथ कृषि क्षेत्रों में पराली जलाने के कारण इस तरह की परिस्थितियां हर साल देखी जाती रही हैं। आलम ये है कि लोगों के लिए बाहर सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है, प्रदूषण के कारण आंखों में जलन और चुभन की समस्या भी बढ़ रही है।
Delhi AQI: इनडोर-आउटडोर दोनों तरह के प्रदूषण सेहत के लिए हानिकारक, बचाव के लिए जानिए महत्वपूर्ण टिप्स
सीवियर कैटेगरी में बनी हुई है एयर क्वालिटी
शुक्रवार सुबह दिल्ली-एनसीआर के अधिकतर हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 और इससे अधिक दर्ज किया गया। ज्यादातर हिस्से इस समय 'सीवियर' कैटेगरी की हवा गुणवत्ता की चपेट में हैं। डॉक्टर कहते हैं, इस तरह के वातावरण में सेहत को ठीक रखने के लिए जरूरी है कि हम सभी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करें, जिससे दूषित हवा के दुष्प्रभावों को कम किया जा सके।
इनडोर और आउटडोर दोनों प्रदूषण का संपर्क आपके लिए नुकसानदायक है, इससे सुरक्षित रहने के लिए उपाय करते रहना चाहिए।
आउटडोर प्रदूषण से बचाव के तरीके
आउटडोर प्रदूषण, यानी घर से बाहर दूषित हवा के संपर्क से बचाव के लिए प्रदूषकों को फिल्टर करने के लिए डिजाइन किए गए मास्क का उपयोग करें, एन95 मास्क इसमें काफी मददगार हो सकते हैं। आप सामान्य कपड़े से बने मास्क का भी प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा सुबह के वॉक के लिए न जाएं, घर पर ही अभ्यास करें।
श्वसन पथ के साथ आंखों को भी प्रदूषित हवा से बचाकर रखना जरूरी है, इसके लिए बाहर जाते समय चश्मे का प्रयोग कर सकते हैं।
इनडोर प्रदूषण का जोखिम
अध्ययनों से पता चलता है कि बाहरी प्रदूषण की ही तरह से इनडोर प्रदूषण भी सेहत के लिए हानिकारक है। इससे बचाव और इनडोर प्रदूषण के स्तर को कम करने एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि आपको अस्थमा या सांस की समस्या है तो ये और भी आवश्यक हो जाता है। इसके अलावा कमरे में वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इनडोर प्रदूषकों को कम करने के लिए और हवा के संचार को बनाए रखने के लिए ये उपाय बहुत आवश्यक हैं।
सेहत का रखें ध्यान
प्रदूषण के खतरे से सेहत को सुरक्षित रखने के लिए नियमित व्यायाम जरूरी है। समग्र श्वसन स्वास्थ्य और फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए नियमित योग-व्यायाम से आपको विशेष लाभ मिल सकता है। इसके साथ स्वस्थ आहार जो एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और खनिजों से भरपूर हों, उनका सेवन करके आप सेहत को ठीक रख सकते हैं।
आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण बात इस तरह के प्रदूषित वातावरण में सेहत को ठीक रखने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है, रोजाना कम से कम 3-4 लीटर पानी पीने का लक्ष्य रखें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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