दुनियाभर में कोरोना वायरस ने पहले से ही तबाही मचा रखी है, इससे संक्रमण के मामले सबसे ज्यादा अमेरिका में देखने को मिले हैं और अब अमेरिका में ही एक नए खतरे ने दस्तक दे दी है। अमेरिकी शोधकर्ताओं के मुताबिक, यहां दिमाग को खा जानेवाला जानलेवा अमीबा तेजी से फैल रहा है। इस अमीबा का नाम नेग्लरिया फाउलेरी है। बताया जा रहा है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यह अमीबा दक्षिणी हिस्से से पूर्वी हिस्से की ओर बढ़ रहा है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के शोधकर्ताओं ने इस अमीबा से होने वाले खतरों को देखते हुए चेतावनी जारी कर दी है।
इस देश में कोरोना वायरस के बीच अब दिमाग खाने वाले अमीबा का कहर, चेतावनी जारी
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सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के शोधकर्ताओं की मानें तो इस साल इंडियाना, नॉर्थ डकोटा, मिशिगन, विंसिकान्सिन और ओहायो जैसी जगहों पर इस अमीबा का संक्रमण पहले से बहुत ज्यादा हो रहा है जबकि हर साल इस अमीबा से होने वाली बीमारियों का आंकड़ा लगभग एक बराबर रहा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2009 से लेकर 2018 तक इस अमीबा के संक्रमण के 34 मामले सामने आए थे। वहीं, 1962 से 2018 तक अमेरिका में इस तरह के संक्रमण के 145 मामले सामने आए थे। कुछ महीने पहले इंसानी दिमाग खाने वाले इस अमीबा की वजह से टेक्सास में छह साल के एक बच्चे की मौत भी हो चुकी है, जिसके बाद लोगों को आगाह किया गया था और सरकारी जलापूर्ति का पानी उपयोग न करने की अपील की गई थी।
उस समय टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने इस संबंध में सूचना जारी करते हुए कहा था कि इस अमीबा का रेप्लिकेशन तेज होता है यानी यह बहुत तेजी से अपना प्रतिरूप तैयार करता है। ऐसे में यह इंसानों के लिए बहुत ज्यादा घातक हो सकता है।
कैसे फैलता है इस जानलेवा अमीबा का संक्रमण?
दिमाग को खा जाने वाला यह अमीबा ताजे पानी में पाया जाता है। बेहद ही सूक्ष्म यह जीव नाक के जरिए इंसानी दिमाग तक पहुंच कर संक्रमण फैला सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जलस्रोतों का रख-रखाव ठीक से नहीं करने पर इस अमीबा का संक्रमण फैल सकता है। अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक, इस नए खतरे को देखते हुए लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।