फिटनेस फ्रीक और डाइट को लेकर अलर्ट रहने वालों के बीच ब्रोकली काफी पसंदीदा सब्जी रही है। ब्रोकली कई प्रकार के पोषक तत्वों जैसे विटामिन्स, खनिजों और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। ये विटामिन सी और के, फोलेट, पोटैशियम और फाइबर का अच्छा स्रोत है। ब्रोकली में ऐसे यौगिक भी पाए जाते हैं जो कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिमों को कम करने, शुगर को नियंत्रित करने और आंतों को स्वास्थ रखने में मदद कर सकते हैं। क्या आप सोच सकते हैं कि इतनी फायदेमंद ब्रोकली जानलेवा भी हो सकती है?
Botulism: क्या ब्रोकली भी हो सकती है जानलेवा? 52 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद इस देश ने वापस मंगाई सारी खेप
- दक्षिणी इटली में ब्रोकली सैंडविच खाने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई और नौ अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद देशभर में ब्रोकली को वापस मंगाने का आदेश दिया गया है। आखिर ब्रोकली जानलेवा कैसे हो सकती है? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
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बोटुलिज्म को माना जा रहा है मौत का कारण
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वास्थ्य अधिकारियों को संदेह है कि लुइगी ने जो सैंडविच खाया, उसमें इस्तेमाल की गई ब्रोकली दूषित थी। डॉक्टर्स ने माना कि लुइगी की मौत बोटुलिज्म के कारण हुई है, जो क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम बैक्टीरिया के कारण होने वाली समस्या है।
बोटुलिज्म एक दुर्लभ लेकिन जानलेवा बीमारी है, जो तंत्रिका तंत्र पर अटैक करती है। इससे मांसपेशियों में लकवा और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। गंभीर स्थितियों में इससे मौत का भी जोखिम रहता है।
कैसे होती है बोटुलिज्म की समस्या?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बोटुलिज्म के तीन सामान्य रूप हैं।
- सबसे ज्यादा मामले खाद्य जनित बोटुलिज्म के होते हैं। डिब्बाबंद भोजन या किसी प्रकार के खान-पान की चीजों के क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम बैक्टीरिया से दूषित होने से इसका खतरा बढ़ जाता है। इन चीजों के सेवन से खतरनाक स्तर की विषाक्तता हो सकती है।
- यदि ये बैक्टीरिया किसी घाव में चले जाते हैं, तो वे खतरनाक संक्रमण पैदा कर सकते हैं, जिसके कारण गंभीर और जानलेवा समस्याएं हो सकती हैं।
- कई बार शिशुओं के आंत पथ में सी.बोटुलिनम बैक्टीरिया बढ़ना शुरू हो जाता है। यह आमतौर पर 2 महीने से 8 महीने के शिशुओं में होता है।
संक्रमितों में क्या दिक्कतें होती हैं?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि संक्रमित खाद्य पदार्थों के कारण होने वाली बोटुलिज्म की समस्या के लक्षण मध्यम से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। ये इस पर निर्भर करता है कि शरीर में किस स्तर की विषाक्तता है? इस तरह के संक्रमण की स्थिति में आमतौर पर निगलने या बोलने में परेशानी, चेहरे के दोनों तरफ कमजोरी (लकवा), धुंधला या दोहरी दृष्टि, सांस लेने में तकलीफ के साथ पाचन की दिक्कतें जैसे मतली-उल्टी और पेट में ऐंठन हो सकती है।
शिशुओं में होने वाले संक्रमण की स्थिति में कब्ज, मांसपेशियों की कमजोरी, चिड़चिड़ापन, लार टपकने और लकवा की समस्या हो सकती है।
इससे बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, खाद्य पदार्थों के कारण होने वाले संक्रमण से बचने के लिए भोजन को सुरक्षित रूप से तैयार करें और इसका रखरखाव करें। खाद्य पदार्थों को अच्छे से पकाकर ही खाना चाहिए। यदि डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ का डिब्बा फूला हुआ हो या उसमें से दुर्गंध आ रही हो, तो उसे न खाएं।
घाव के माध्यम से फैलने वाले संक्रमण से बचाव के लिए घावों को साफ रखें। वहीं शिशुओं को बोटुलिज्म से बचाने के लिए एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को थोड़ी मात्रा में भी शहद देने से बचना चाहिए।
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स्रोत
Italy orders broccoli recall after botulism outbreak causes death
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